Monday, August 31, 2020

गावों में ऐसी बहुत सी आर्युवेद वस्तुएं उपलब्ध हैं जिसके लिए शहरों में लोग भारी कीमत चुकाते हैं?

अपराजिता या ब्लू टी : नीली अपराजिता से आप परिचित होंगे खूबसूरत नीले फूलो के लिए लगाई जाती है शहरी क्षेत्र में आपको कहीं कहीं दिख जाएगी और गावों में आपको मेड के किनारे देखने को मिल जाएगी। लेकिन अमेजॉन पर इसके भाव सुनकर आप चौंक जाएंगे । (Rs 449/50 Gram) अपराजिता का पौधा फायदा :- अपराजिता के फूलों से बनी ब्लू टी में विटामिन और मिनरल्स की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो आपके बाल और स्किन के लिए बहुत अच्‍छी होती हैं। इसे रेगलुर पीने से बाल सिल्की और मजबूत बनते हैं।
Casia टोरा (फुवाड़) : पीले फूल वाला खरपतवार सड़क के किनारे बहुतायत में मिलता है। आपने भी देखा होगा कल ही इसका अमेजॉन पर भाव देखा दिमाग ने काम करना बंद कर दिया जो बीज 25 रुपए किलो मंडी में बिकता है अमेजॉन पर इसका भाव देखिए। (Rs 500/ Kg) वैज्ञानिक नाम: Cassia tora; Senna tora पारम्परिक उपयोग: पौधे की पत्तियों को पीस कर और जब कटने पर लगाया जाता है, तो आयोडीन टिंचर की तरह कार्य करता है। ये एक्जिमा और त्वचा रोगों पर भी लगाया जाता है। कोमल पत्तियों को खाने से विभिन्न त्वचा रोगों को रोका जा सकता है। इसके पत्तियों को अरंडी के तेल में उबाल कर अल्सर और सूजन पर लगाया जाता है। इसके बीजों को चाय के साथ उबाल कर ठंड से बचाओ के लिए पिया जाता है। बीजों के पाउडर को हल्दी और सरसों के तेल के साथ एक्जिमा पर लगाया जाता है। गोमूत्र के साथ सेहुंड/डंडा ठोर के रस में डूबा हुआ इसके बीजों का पेस्ट ट्यूमर पर लगाया जाता है। इसकी जड़ों को चूने के रस के साथ पेस्ट बना कर दाद मे उपयोग किया जाता है। इस पौधे और हल्दी के बीजों का पेस्ट सूजाक (gonorrhoea) में लगाया जाता है। इसके पत्तों को कुटकर शहद में मिलाकर दाद के इलाज के लिए बच्चों को दिया जाता है। प्रसव को आसान करने के लिए आदिवासी महिलायें इसके अंकुरित बीज खाती हैं। Casia टोरा का पौधा
बबूल का बीज : एक कांटेदार पौधा जिसके पीले फूल खूबसूरत दिखते है। गांव में कोई नहीं पूछता इसको बकरियां खाती है। लेकिन घुटने की अच्छी दवाई है तो भाव आप खुद देख लीजिए। (Rs 235/ 250 gram) बबूल के फायदे - Acacia Benefits in Hindi बबूल के पेड़ के फायदे हैं दस्त में उपयोगी - Acacia for Diarrhea in Hindi बबूल के औषधीय गुण हैं घाव भरने में लाभकारी - Babool Leaves for Wounds in Hindi बबूल के लाभ बालों के स्वास्थ्य के लिए - Babool for Hair in Hindi बबूल का उपयोग रखे दांतों को मजबूत - Babul for Teeth in Hindi बबूल के गुण करें एक्जिमा का इलाज - Acacia for Eczema in Hindi बबूल का सेवन करे टॉन्सिल्स को ठीक - Babool for Tonsillitis in Hindi बबूल फॉर स्किन - Babool for Skin in Hindi कीकर के फायदे करें कंजंक्टिवाइटिस का इलाज - Acacia for Conjunctivitis in Hindi बबूल की पत्तियां हैं एपिफॉरा में उपयोगी - Acacia Leaves uses for Epiphora in Hindi कीकर के लाभ हैं ल्यूकोरिया में उपयोगी - Babul Bark for Leucorrhoea in Hindi बबूल का पौधा
गुलाब पत्ती : घर के बाहर सजावटी पौधे तो आपने खूब देखे होंगे । सूखे फूलो की कीमत आपको आश्चर्य में डाल देगी।
गुलाब पत्ती के फायदे:- वजन घटाने के लिए : गुलाब के फूल में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो वजन घटाने के लिए बेहद कारगर साबित होता है। गुलाब की 10 से 15 पखुंड़ियों को पानी में उबालें। जब पानी पूरी तरह गुलाबी हो जाए उसमें एक चम्मच शहद और एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालकर सेवन करें। थकावट के लिए : अगर आप बहुत जल्द थकान महसूस करने लगते हैं तो गुलाब के फलों का इस्तेमाल करें। थकान दूर करने के लिए गुलाब की 10 से 15 पंखुड़ियों को पीस लें। इसमें एक बूंद चंदन का तेल मिलाकर शरीर की मालिश करें। लू से बचने के लिए : गर्मियों के मौसम में लू से बचने के लिए गुलाब के फूल काफी लाभकारी होते हैं। गुलाब की 10 पंखुड़ियों को पीसकर इसमें एक गिलास पानी में डाल दें। अब एक साफ कपड़े को इस पानी में भिगोकर निचोड़ लें। निचाड़े गए कपड़े को सिर पर रखें। इसके अलावा गुलाब के गुलकंद का सेवन करने से पूरे शरीर में ठंडक महसूस होती है और लू से बचा जा सकता है। कैंसर, अस्थमा और हार्ट प्रॉब्लम के लिए रामबाण है शलजम, आंखों और हड्डियों को भी होता है फायदा बिना छिले खाएं ये फल और सब्जियां, होते हैं गजब के फायदे कील-मुंहासों के लिए : गुलाब के फूलों अपने आप में एक अच्छा मॉइस्चराइजर है। गुलाब पंखुड़ियों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं मुंहासे सूखने में मदद करता है। इसके अलावा एंटीसेप्टिक यौगिक, फेनिल इथेनॉल की उपस्थिति, मुंहासे के खिलाफ प्रभावी रोजवाटर बनाती है। रात में पानी में मेथी के कुछ बीज भूनें और गुलाब के पानी को जोड़कर एक अच्छा पेस्ट बनाएं। इसे अपने चेहरे पर लगाएं, 20 मिनट तक छोड़ दें और गुलाब के ठंडे पानी से धो लें। हाथ-पैरों की जलन के लिए : गर्मी के कारण हाथ-पैरों में जलन, पेट में गड़बड़ी, एसीडिटी आदि समस्या हो तो गुलाब का शर्बत बनाकर पीएं इससे लाभ मिलेगा। इसके अलावा हथेली और तलुवों में जलन हो तो चंदन पाउडर और गुलाब जल मिलाकर इससे हथेली और तलुवों पर लेप करें। गाय का शुद्ध घी : अच्छा घी आपको 700–800 रुपए प्रति किलो मिल जाएगा वहीं आपको शहर में इसकी दुगुनी कीमत देनी होगी।
ककोड़ा : इस सब्जी से आप परिचित है। पोषक तत्वों की खान ये सब्जी जहां गावों में कोई बहुत ज्यादा चलन में नहीं है। शहर में 100 रुपए प्रति किलो से ज्यादा में मिलती है। ककोड़ा का पौधा मधुमेह के लिए ककोड़ा के फायदे – Kakoda Ke Fayde Madhumeh Ke Liye in Hindi ककोरा के फायदे आंखों के लिए – Kakora Khane Ke Fayde Aankho Ke Liye in Hindi गर्भवती महिलाओं के लिए ककोड़ा खाने के फायदे – Kakora Khane Ke Labh Pregnant Women Ke Liye in Hindi कंटोला के फायदे कैंसर को रोके – Kantola Ke Fayde Cancer Ko Roke in Hindi बुखार को दूर करे ककोरा के लाभ – Kakora Ke Labh Bukhar Ko Dur Kare in Hindi ककोड़ा के गुण अतिरिक्‍त पसीने को रोके – Spiny Gourd for Reduce excess sweating in Hindi कंटोला के बीज के फायदे पथरी के लिए – Kantola Seeds For Kidney Stones in Hindi कंटोला खाने के फायदे बवासीर के लिए – Kantola Khane Ke Fayde Bawaseer Ke Liye in Hindi ककोड़ा के फायदे खांसी का इलाज करे – Kakora Ke Fayde Khansi Ka Ilaj Kare in Hindi
कंदुरी/कुंदरु/टिंडोरी : ये भी खेत की मेड़ और झाड़ियों में उगने वाली फसल है। गांव में कोई पसंद नहीं करता और गरीब लोगो को तोड़कर सड़क किनारे बेचने पर कुछ पैसे मिल जाते है। शहर में यही 60–100 रुपए प्रति किलो मिलती है। मोटापे से बचाने में कुंदरू के फायदे – Kundru Prevents Obesity in Hindi कुंदरू खाने के फायदे पाचन के लिए – Ivy gourd Good for Digestion in Hindi अवसाद को दूर करने में कुंदरू के लाभ – Kundru Ke Fayde for Depression in Hindi कुंदरू का उपयोग प्रतिरक्षा को बढ़ाए – Ivy gourd Promotes better Immunity in Hindi कुंदरू के गुण दिल के लिए – Kundru Ke Gun Promotes Heart Health in Hindi मधुमेह के लिए कुंदरू की सब्‍जी के फायदे – Kundru Ki sabji Ke Fayde Diabetes ke liye कुंदरू के गुण तंत्रिका तंत्र की रक्षा करे – Kundru Protects Nervous system in Hindi कैंसर को रोकने में कुंदरू के लाभ – Ivy gourd Prevent Cancer in Hindi कुंदरू की चटनी किड़नी स्‍टोन में उपयोगी – Kundru Prevents Kidney Stone in Hindi संक्रमण से बचाने में कुंदरू के फायदे – Ivy gourd benefits for Infection in Hindi कुंदरू का सेवन चयापचय को बढ़ाए – Kundru Increased Metabolism in Hindi त्‍वचा के लिए कुंदरू की सब्जी के लाभ – Kundru ke Fayde for Skin in Hindi कंदुरी/कुंदरु/टिंडोरी का पौधा
रिजका बीज : रिजका आप सभी जानते है पशुओं के चारे के रूप में विख्यात है कभी पशुपालन करने वाले इसे जानते है। लेकिन हेल्थ के चक्कर में इसका नाम बदल गया और वहां अल्फा अल्फा के नाम से किस कीमत पर उपलब्ध है । वो आप नीचे दिए फोटो में देख पाएंगे। गांव में रिजका बीज 200 - 300 रुपये किलो मिल जाता है। (Rs. 299/ 250 gram) रिजका का पौधा
शहद : आजकल दो तरह का शहद बाजार में मिलता है। एक पालतू मधुमक्खी का दूसरा जंगली मधु मख्खी का। जंगली मधु मख्खी का शहद गावों में 200–300 रुपए प्रति किलोग्राम मिल जाएगा वहीं शहर में इसी को पैक करके बेचने पर कीमत 2-3 गुना तक हो जाती है
लिखने के लिए बहुत है लेकिन अभी इतना ही बहुत है। Photo : google search and Local Knowledge

Friday, June 5, 2020

क्या बेजुबानों की जान की कीमत इंसानों के लालच के बराबर है?


इंसानों की तरक्की की कीमत प्रकृति ने चुकाई है. प्रकृति के साथ ही किसी और को अगर इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है, तो वह हैं पशु-पक्षी. इंसानों ने उनके घरों में भी कुछ इस कदर घर जमा लिया है कि उन्हें इसकी कीमत अपनी मौत से चुकानी पड़ रही है. हमारा लालच (शिकार) इसमें आग में घी का काम कर रहा है. ऐसे कई मौके सामने आए जब विशालकाय हाथियों से लेकर समुद्री जीवों ने इसका भुगतान किया है.

प्रेग्नेंट हथिनी को अनानास में पटाखे मिलाकर खिलाया उत्तरी केरल के मलप्पुरम जिले में कुछ लोगों ने एक प्रेग्नेंट हथिनी को अनानास में पटाखे मिलाकर खिला दिया.
 वह दर्द से कराहते हुए एक नदी में चली गई और वहीं खड़ी-खड़ी मर गई. रिपोर्ट के मुताबिक़, हथिनी भोजन की तलाश में जंगल से बाहर के गांव में गई थी. वहां कुछ लोगों ने उसे पटाखों से भरा अनानास खिला दिया. वह प्रेग्नेंट थी और 18 से 20 महीने में बच्चे को जन्म देने वाली थी. पटाखे से उसकी जीभ और मुंह बुरी तरह से जख्मी हो गए. इसके बाद वह पूरे गांव में दर्द और भूख से घूमती रही. चोट की वजह से वह कुछ खा भी नहीं पा रही थी. इसके बाद हथिनी वेलिन्यार नदी में जाकर खड़ी हो गई. वन विभाग अपने दो हाथियों को लेकर गया. उनकी कोशिश थी कि वे उस हथिनी को बाहर निकाल सकें. मगर कई घंटे की कोशिश के बाद भी वह बाहर नहीं आई और उसकी मौत हो गई.

 FACEBOOK ऐसे अन्य 11 मौकों पर नज़र डालते हैं जब जानवरों ने कहीं न कहीं हमारी गलती की सज़ा भुगती है: 
1. मलेशिया में मृत हाथी के शरीर में मिली 70 गोलियां Borneo Pygmy हाथी के एक मृत शरीर मिला. जिसके पोस्ट मार्टम से पता चली की उसे 70 गोलियां लगी हैं.
 यह किसी शिकारी का काम है, जिसने हाथी के दांत के लिए उसे मार डाला. यह मृत शरीर मलेशिया की सबाह नदी में तैरते हुए आकर एक पेड़ में फंस गया था. अधिकारियों ने बताया कि इस हाथी के दांत निकालने के बाद उसे ठिकाने लगा दिया गया. कड़े नियमों के बावज़ूद लोग खतरे के निशान में आ चुके हाथियों के शिकार से बाज़ नहीं आते. 

 2. श्रीलंका में हथिनी मां को ज़हर देकर मारना श्रीलंका में एक हथिनी मां को गांव वालों ने खेतों में घुसपैठ के चलते ज़हर देकर मार डाला. उस मां का बच्चा उसे उठाने आया. उसका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और जिस तरह से यह बच्चा अपनी मां को उठाने की कोशिश कर रहा है, यह दिल दुखाने वाला है. इसके अलावा, यूनेस्को संरक्षित हेरिटेज साइट सिंगारिया फोरेस्ट रिज़र्व के पास चार मृत हाथी पाए गए थे और बाद में तीन मृत हाथी और भी मिले. कथित तौर पर इनकी उम्र 10 से 15 साल के बीच की है. सवाल ये है कि हथिनी की ग़लती की सज़ा सिर्फ़ मौत है? 

3. हाई वे को पार करता हुआ बाघ महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच में मौजूद रिज़र्व के बीच एक हाईवे बना हुआ है, जिसे बाघ पार करके जाता हुआ दिखाई दिया. यह हाईवे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच पेंच टाइगर रिज़र्व के पास है कैसे विकास के नाम पर हम जंगली जनजीवन का संरक्षण करने में हम असफल हो रहे हैं, इस वीडियो में यही दिखाया गया है. 

 4. अपने बच्चे का मातम मना रही हथिनी की तस्वीर बेहद भयावह है कुछ ही दिन पहले तमिलनाडु के चित्तूर ज़िले में कृषि भूमि पर लगे एक ट्रांसफार्मर के खंभे को एक हथिनी मां ने उखाड़ फेंका था. इसके पीछे वजह उसके छोटे बच्चे की मौत थी. कुंडिनिया वाइल्डलाइफ़ सेंचुरी से सटे गोबिला कोतूर गांव के एक खेत में मां और उसका बच्चा इंसानी बसेरे में भटक गए और दुर्भाग्यवश हथिनी का बच्चा बिजली की तार की चपेट में आ गया. इसकी वजह से बच्चे की मौत हो गई. मां ने बच्चे को उठाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मृत बच्चा कैसे उठता. उस समय तो वह चली गई थी लेकिन वह बाद में आई और खंभा उखाड़ कर अपना बदला लिया. REPRESENTATIVE IMAGE वन अधिकारियों को इस बात का पहले से ही शक था कि हथिनी वापस आ सकती है इसीलिए उन्होंने खंभे की बिजली काट दी. यहां सवाल ये है कि हमने इतना अधिक भूमि अधिग्रहण करना शुरू कर दिया है कि जंगली जानवर हमारे घर आ रहे हैं या हम उनके घर चले गए? 

 5. तीन बाघों को ज़हर देकर मारा गया महाराष्ट्र में तीन बाघों को ज़हर देकर मार दिया गया. रिपोर्ट्स से यह साबित हुआ था कि एक बाघिन और उसके दो बच्चों का मृत शरीर मिला. उनका यह शरीर चंद्रपुर ज़िले के चिमूर फ़ॉरेस्ट रेंज के मेटेपुर गांव में मिला था. 
मारे गए ये बाघिन के बच्चे महज़ 1 साल के थे. 

6. सांड के पेट से मिली 80 किलो पॉलीथिन हरियाणा के फ़रीदाबाद में एक सांड के पेट की सर्जरी हुई जिसमें करीब 80 किलो पॉलीथिन समेत कील, लोहे-प्लास्टिक के ढक्कन, हेयरबैंड, रबड़, नट-बोल्ट और पेंसिल मिले हैं. एक तरफ़ हम इनके लिए भोजन जुटा नहीं पा रहे और दूसरी तरफ़ प्लास्टिक परोसने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. 

7. व्हेल के पेट से मिला 40 किलो प्लास्टिक कचरा इसी साल मार्च में फ़िलीपींस के मनीला में व्हेल के पेट से 40 किलो प्लास्टिक कचरा निकला था. पेट में इतना कचरा जमा हो जाने की वजह से वह कुछ भी खा नहीं पा रही थी. इसके अलावा, पिछले साल नवंबर में इंडोनेशिया के Wakatobi नेशनल पार्क में भी व्हेल मछली के पेट में से 115 प्लास्टिक कप, 4 पानी की बोतलें, 25 प्लास्टिक बैग कुल मिला 1000 प्लास्टिक के पीस निकले थे. 

 8. ट्रेन की चपेट में आया हाथी एक हाथी के ट्रेन की चपेट में आने की वजह से एक हाथी की मौत हो गई. ये वीडियो पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले था. इसी बीच हाथी ने रेल की पटरियां पार करने की कोशिश की और रेल के इंजन से जा टकराया. यह टक्कर इतनी भीषण थी कि हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया. 

 9. प्लास्टिक के कचरे में भोजन ढूंढता हाथी आईएफएस अधिकारी परवीन कासवान ने एक कचरे से भरी वन भूमि की तस्वीर साझा की थी, जिसमें एक हाथी प्लास्टिक के कचरे से भरी ज़मीन पर भोजन की तलाश कर रहा है. 

10. बोत्सवाना के क्षत-विक्षत शव की तस्वीर शायद ही कोई भूला है बोत्सवाना सरकार के हाथियों के शिकार पर प्रतिबंध के बावज़ूद एक हाथी के क्षत-विक्षत शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर देखने को मिली. ये बेहद ख़तरनाक तस्वीर थी. इस बेजान हाथी के शरीर के पास उसकी सूंड कटी हुई थी और उसके दांत गायब थे. JUSTIN SULLIVAN 

11. श्रीलंका की टिकरी हथिनी की मौत जानवरों का सर्कस में प्रॉप की तरह इस्तेमाल किसी से शायद ही छिपा है. इसी से जुड़ी एक तस्वीर आई थी श्रीलंका से. यहां टिकरी नाम की एक बेहद दुर्बल हथिनी को ज़बरदस्ती पेराहेरा फ़ेस्टिवल में लाया गया था. Save Elephant Foundation (SEF) की फ़ाउंडर लेक चैलर्ट के अनुसार, 'टिकिरी कई महीनों से बीमार थी. उसकी आत्मा अब मुक्त हो गई है. अब उसे कुछ भी नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता.' लेकिन, इस हथिनी की हाल ही मौत हो गई और लोगों ने अफ़सोस जताकर इसे भूल जाने का काम एक बार फिर किया. क्या मनुष्य इतना संवेदनशील हो गया है कि उसे अपने आसपास हो रही चीज़ों से कोई फर्क नहीं पड़ता? क्या बेजुबानों की जान की कीमत इंसानों के लालच के बराबर है?

Sunday, January 19, 2020


मैनें देखा की हर सरपंच उम्मीदवार अपने अपने पंप्लेट(पोस्टर) में एक शब्द का प्रयोग कर रहा है वो है #समाजसेवी . सायद उन्हें पता नही होगा समाजसेवा क्या होती है? एक बार जरूर सोचे आपने कितना कमाया और कितना दान या समाज सेवा में लगाया.........! विश्वप्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी, 27 वर्षीय सादिओ माने की कमाई भारतीय रुपयों में गिनें तो प्रति सप्ताह 1 करोड़ 40 लाख रुपये है। इन्हें कई जगह पर टूटे हुए फोन के साथ देखा गया। एक इंटरव्यू में जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा - मैं उसे ठीक करवा लूंगा। जब उनसे पूछा गया कि आप नया फोन क्यों नहीं ले लेते, तब उन्होंने कहा... मैं ऐसे हजार फोन खरीद सकता हूँ। 10 फरारी , 2 जेट प्लेन , डायमंड घड़ियां खरीद सकता हूँ, लेकिन मुझे ये सब क्यों चाहिए ? मैंने गरीबी देखी है। मैं पढ़ नहीं पाया उस वजह से। मैंने स्कूल्स बनवाये हैं, ताकि लोग पढ़ पाएं। मेरे पास जूते नहीं थे, मैं बिना जूतों के खेलता था। अच्छे कपड़े नहीं थे, खाने को नहीं था। आज मुझे इतना कुछ मिला है तो उसका दिखावा करने के बजाए मैं उसे अपने लोगों के साथ बांटना चाहता हूं। सादिओ माने सेनेगल (पश्चिम अफ्रीका) से हैं और अपने देश के लोगों के लिए काफी कुछ कर रहे हैं...! ये एक सीख है, एक पाठ है, जो उन्होंने दुनिया को पढ़ाया। चित्र स्त्रोत : गूगल