ऐसे मिलेगा फास्टैग कार्ड
वाहन स्वामी फास्टैग कार्ड बैंकों और उनके फास्टैग एजेंटों से ऑनलाइन और ऑफलाइन ले सकते हैं। ये कार्ड उसे ही जारी होंगे जिसके नाम से वाहन है। इसके लिए बैंक को वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी (वैकल्पिक ) की फोटो कॉपी देनी होगी। कार्ड 7 से 10 कार्यदिवसों में आपके घर पर पहुंच जाएगा। इसे गाड़ी की विंड स्क्रीन पर लगाना होगा। इसे रीचार्ज करने की सुविधा होगी।
फास्टैग के साथ यूजर आईडी भी जारी होगी। इसे गोपनीय पिन नंबर डालकर क्रेडिट और डेबिट कार्ड से रीचार्ज कर सकेंगे। वहीं अगर फास्टैग खो गया या खराब हो गया है तो आपको दोबारा उसी तरह की प्रक्रिया करनी होगी। दोबारा फास्टैग बनवाने के लिए 100 रुपए की अतिरिक्त धनराशि जमा करनी पड़ेगी।
30 नवंबर से पहले अपनी गाड़ी में फास्टैग लगवा लें वरना महंगा पड़ेगा।
एक दिसंबर से अगर वाहन में फास्टैग नहीं लगा तो वाहन स्वामी को दोगुना टोल देना पड़ेगा। एनएचएआई ने हाईवे के सभी टोल प्लाजा से फास्टैग से टोल अनिवार्य करने का नोटिस जारी कर दिया है। कानपुर रीजन के सभी 7 टोल प्लाजा पर सेंसर को सक्रिय कर दिया है। टोल प्लाजा पर फास्टैग का ट्रायल भी शुरू हो गया है
बैंकों को भी पत्र जारी कर दिए गए
बैंकों को भी फास्टैग का पत्रक जारी कर दिया है। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। यह तकनीक रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन (आरएआईडी) के तहत काम करती है। फास्टैग में लगी माइक्रोचिप को टोल प्लाजा पर लगे सेंसर 70 मीटर पहले ही रीड कर लेंगे। जब कोई वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरेगा तो ऑटोमेटिक से टोल चार्ज कट जाएगा, इसके लिए वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। एक बार बैंक से जारी फास्टैग 5 साल तक मान्य होगा।
Friday, November 29, 2019
ऐसे मिलेगा फास्टैग कार्ड
ऐसे मिलेगा फास्टैग कार्ड
ऐसे मिलेगा फास्टैग कार्ड
वाहन स्वामी फास्टैग कार्ड बैंकों और उनके फास्टैग एजेंटों से ऑनलाइन और ऑफलाइन ले सकते हैं। ये कार्ड उसे ही जारी होंगे जिसके नाम से वाहन है। इसके लिए बैंक को वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी (वैकल्पिक ) की फोटो कॉपी देनी होगी। कार्ड 7 से 10 कार्यदिवसों में आपके घर पर पहुंच जाएगा। इसे गाड़ी की विंड स्क्रीन पर लगाना होगा। इसे रीचार्ज करने की सुविधा होगी।
फास्टैग के साथ यूजर आईडी भी जारी होगी। इसे गोपनीय पिन नंबर डालकर क्रेडिट और डेबिट कार्ड से रीचार्ज कर सकेंगे। वहीं अगर फास्टैग खो गया या खराब हो गया है तो आपको दोबारा उसी तरह की प्रक्रिया करनी होगी। दोबारा फास्टैग बनवाने के लिए 100 रुपए की अतिरिक्त धनराशि जमा करनी पड़ेगी।
30 नवंबर से पहले अपनी गाड़ी में फास्टैग लगवा लें वरना महंगा पड़ेगा।
एक दिसंबर से अगर वाहन में फास्टैग नहीं लगा तो वाहन स्वामी को दोगुना टोल देना पड़ेगा। एनएचएआई ने हाईवे के सभी टोल प्लाजा से फास्टैग से टोल अनिवार्य करने का नोटिस जारी कर दिया है। कानपुर रीजन के सभी 7 टोल प्लाजा पर सेंसर को सक्रिय कर दिया है। टोल प्लाजा पर फास्टैग का ट्रायल भी शुरू हो गया है
बैंकों को भी पत्र जारी कर दिए गए
बैंकों को भी फास्टैग का पत्रक जारी कर दिया है। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। यह तकनीक रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन (आरएआईडी) के तहत काम करती है। फास्टैग में लगी माइक्रोचिप को टोल प्लाजा पर लगे सेंसर 70 मीटर पहले ही रीड कर लेंगे। जब कोई वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरेगा तो ऑटोमेटिक से टोल चार्ज कट जाएगा, इसके लिए वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। एक बार बैंक से जारी फास्टैग 5 साल तक मान्य होगा।
ऐसे मिलेगा फास्टैग कार्ड
वाहन स्वामी फास्टैग कार्ड बैंकों और उनके फास्टैग एजेंटों से ऑनलाइन और ऑफलाइन ले सकते हैं। ये कार्ड उसे ही जारी होंगे जिसके नाम से वाहन है। इसके लिए बैंक को वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी (वैकल्पिक ) की फोटो कॉपी देनी होगी। कार्ड 7 से 10 कार्यदिवसों में आपके घर पर पहुंच जाएगा। इसे गाड़ी की विंड स्क्रीन पर लगाना होगा। इसे रीचार्ज करने की सुविधा होगी।
फास्टैग के साथ यूजर आईडी भी जारी होगी। इसे गोपनीय पिन नंबर डालकर क्रेडिट और डेबिट कार्ड से रीचार्ज कर सकेंगे। वहीं अगर फास्टैग खो गया या खराब हो गया है तो आपको दोबारा उसी तरह की प्रक्रिया करनी होगी। दोबारा फास्टैग बनवाने के लिए 100 रुपए की अतिरिक्त धनराशि जमा करनी पड़ेगी।
30 नवंबर से पहले अपनी गाड़ी में फास्टैग लगवा लें वरना महंगा पड़ेगा।
एक दिसंबर से अगर वाहन में फास्टैग नहीं लगा तो वाहन स्वामी को दोगुना टोल देना पड़ेगा। एनएचएआई ने हाईवे के सभी टोल प्लाजा से फास्टैग से टोल अनिवार्य करने का नोटिस जारी कर दिया है। कानपुर रीजन के सभी 7 टोल प्लाजा पर सेंसर को सक्रिय कर दिया है। टोल प्लाजा पर फास्टैग का ट्रायल भी शुरू हो गया है
बैंकों को भी पत्र जारी कर दिए गए
बैंकों को भी फास्टैग का पत्रक जारी कर दिया है। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। यह तकनीक रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन (आरएआईडी) के तहत काम करती है। फास्टैग में लगी माइक्रोचिप को टोल प्लाजा पर लगे सेंसर 70 मीटर पहले ही रीड कर लेंगे। जब कोई वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरेगा तो ऑटोमेटिक से टोल चार्ज कट जाएगा, इसके लिए वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। एक बार बैंक से जारी फास्टैग 5 साल तक मान्य होगा।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Featured Post
-
तांबे के बर्तन में जल को रखते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए : बर्तन को निम्बू नमक से अच्छे से साफ़ कर थोड़ी देर उल्टा ...
-
आइये जानते हैं लीवर को मजबूत बनाने के उपाय। मानव शरीर के अंगों में लीवर दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण अंग है। देखा जाए तो शरीर के सभी अंगों का सु...
-
मैनें देखा की हर सरपंच उम्मीदवार अपने अपने पंप्लेट(पोस्टर) में एक शब्द का प्रयोग कर रहा है वो है #समाजसेवी . सायद उन्हें पता नही होगा समाजस...
No comments:
Post a Comment