Wednesday, December 25, 2019

फेफड़ा


एक दिन में एक पैक धूम्रपान करने के 20 साल बाद यह एक फेफड़ा है। व्यक्ति ने सीओपीडी विकसित किया और मर गया। जब आप एक सामान्य फेफड़े की तुलना में इसे फुलाते और डिफ्लेक्ट करते हैं, तो एक स्पष्ट अंतर है - मुख्य रूप से अपस्फीति की तरफ। धूम्रपान फेफड़े तुरंत प्रत्येक सांस के बाद ढह जाता है, क्योंकि दीवारें कमजोर हो गई हैं। वे अब फेफड़ों में हवा नहीं रख सकते हैं। स्वस्थ फेफड़ा धीरे-धीरे प्रत्येक सांस के बाद बाहर निकलता है, जिसमें एक छोटे से छेद के साथ गुब्बारे की तरह बाहर निकलता है। इस समय बहुत से लोग पढ़ रहे हैं जो अभी भी धूम्रपान करते हैं। मैं धूम्रपान करने वाली सभी बुरी चीजों की सूची नहीं बनाने जा रहा हूं। आपको पहले से ही पता है। लेकिन - मैं शर्म के बिना, आपसे भीख माँगूंगा: अभी बाहर निकलो, जबकि आप अभी भी कर सकते हैं। अभी भी समय है। कोई वापसी का एक बिंदु है जो आप अंततः पार करेंगे। और आप अपने शरीर में डूबने की धीमी, भयानक भावना का अनुभव करेंगे।

Saturday, December 14, 2019

लोग जीवन में काफी देर से सबक सीखते हैं

जब तक आप जीवन में बसे नहीं हैं, तब तक प्यार में मत पड़ो। ज्यादातर लड़कियां संघर्षरत लड़के से शादी करना पसंद नहीं करती हैं। कभी अपने पूर्व प्रेमी के साथ दोस्ती न करें। दोस्त अस्थायी होते हैं। मित्र समय के साथ 'संपर्क' या 'परिचित' बन जाते हैं। कोई भी आपकी समस्याओं की परवाह नहीं करता है। किसी भी यादृच्छिक व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को साझा न करें। 

माता-पिता ही सही मायने में आपसे प्यार करते हैं। यदि आप बार-बार असफल होते हैं तो आपके माता-पिता आपका समर्थन करना बंद कर सकते हैं।

ऋण पर कार न खरीदें। कभी नहीँ। 
घर खरीदना अनिवार्य नहीं है। 
अपने प्रियजनों की मदद करें। 
जहां आप खुद को बेहतर बना सकते हैं, वहां काम करें। 
यदि आप सुधार करना चाहते हैं, तो आराम की इच्छा न करें। 
अपने आप में निवेश करें। 
दिन-ब-दिन बेहतर होने की कोशिश करें। 
यदि आप खुद में कोई वृद्धि नहीं देखते हैं तो नौकरी छोड़ दें। 
कम बोलो। और ज्यादा सुनो। 
अच्छी चीजों या लोगों की सराहना करें। 
पर्याप्त धन बचाएं। 
जीवन में पैसा लगभग सब कुछ है। 
आप बिना पैसे के विकलांग हैं। 
जब भी मौका मिले यात्रा करें। 
एक बार एक मौका न चूकें जिसके लिए आप कामना करते हैं। 
स्वस्थ रहें। रोज़ कसरत करो। जीवन अनिश्चित है। 
परिवार पहले आता है। बाकी सब कुछ गौण है। अगर यह आपके परिवार को फायदा पहुंचाता है तो ही समझौता करें। 
अपने सपनों का पीछा करो। कभी पीछे मुड़ कर नहीें देखें! 
अपने बुरे दिनों को कभी न भूलें।

Friday, December 6, 2019

जब महीना 30 या 31 दिन का होता है तो मोबाइल रिचार्ज की वैधता 28 दिन ही क्यों होता है जाने

क्योंकि हर 28 दिन को एक महीना मानने से एक साल 13 महीने का हो जाएगा। टेलीकॉम कंपनी के लिए 28 एक जादुई संख्या है जिसका गणित है 28 x 13=364 । तीन सौ चौसठ की ये संख्या 365 या 366 के बराबर है मतलब एक साल के बराबर। यानी अगर एक साल में हर महीना 28 दिनों का बना दें तो 13 महीनों का एक साल बन जाएगा। अब आप 13 वे महीने का भी रिचार्ज करेंगे मतलब एक साल में 13 रिचार्ज। अब मैं आपको बताता हूं की 28 दिन साल के हर महीने से हटाने के बाद कैसे 1 महीने के बराबर दिन बच जाते हैं। एक साल में 7 ऐसे महीने हैं जो 31 के जाते हैं इनमें से 28 हर महीने में हटा दें तो 3 प्रति महीने के हिसाब से 7 x 3=21 दिन हमको मिल गए। फरवरी हटा के 4 ऐसे महीने ही हैं जो 30 दिन के होते हैं इनमें से भी 28 दिन हटा दें तो 2 प्रति महीने की दर से 2 x 4=8 कुल हो गया 21 + 8= 29 दिन जो एक महीने के बराबर ही है और यदि फरवरी 29 की है तो 28 हटा के 1 दिन और यानी 21 + 8 + 1= 30 दिन जो पूरा महीना ही है। तो ये सब खेल है कंपनी का अधिक मुनाफा कमाने का। जैसे चिप्स के पैकेट बड़े होते हैं किन्तु उनमें हवा ज्यादा और माल कम रहता है।

Saturday, November 30, 2019

परग्रही (एलियन)

'एलियन' का अर्थ होता है- परग्रहवासी या दूसरे ग्रह का निवासी। क्या वैज्ञानिकों को परग्रही (एलियन) के सबूत मिले है? यदि हां, फिर क्यों ये बात लोगों से छुपाई जा रही है? जब भी हम एलियंस की बातों पर बिचार करते हैं तो एक यही तस्वीर उभर कर हमारे सामने आती है।
दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश विज्ञान के लिए बेहद चुनौतीभरा काम रहा है और हो सकता है कि यही काम दूसरे ग्रहों के वैज्ञानिक भी करते हों। ऐसे में वे अपने किसी यान द्वारा धरती पर आ जाते हों तो कोई आश्चर्य नहीं! हम भी तो चन्द्र ग्रह, मंगल ग्रह पर पहुंच गए हैं। हमने शनि पर भी एक यान भेज दिया है। अब किसी न किसी दिन मानव भी उन यानों में बैठकर जाने की हिम्मत करेंगे। यह ब्रह्मांड कितना बड़ा है इसकी कल्पना करना मुश्किल है। बस यह समझ लीजिए कि इस ब्रह्मांड में हमारी धरती रेत के एक कण के बराबर भी नहीं है। इस धरती से कई गुना बड़े करोड़ों ग्रह हमारे ब्रह्मांड में मौजूद हैं। सबसे बड़ी बात यह कि हमारे इस ब्रह्मांड में लाखों गैलेक्सियां हैं। गैलेक्सी को 'आकाशगंगा' कहते हैं। हमारी आकाशगंगा को अंग्रेजी में मिल्कीवे कहते हैं जबकि हिन्दी में क्षीरमार्ग और मंदाकिनी कहते हैं जिसमें पृथ्वी, हमारा सौरमंडल और लाखों तारे स्थित हैं। कई बार लगता कई बार लगता है की यह तस्वीर किसी ने एलियन को देखकर ही बनाई होगी, पर सच यह है की यह तस्वीर 1892 में प्रकाशित किसी लेखक के किसी उपन्यास से ली गई है। और दूसरी तरह से देखा जाए तो, यह तस्वीर पूरी तरह पृथ्वी के प्राणियों से प्रेरित लगती है। इसके दो आंख एक नाक दो कान एक मुँह है और जरूरी नहीं की एलियन प्रजाति हमारी तरह ही दिखती हो। वह सूक्ष्मजीव हो सकती है या हमारी तरह अत्यंत विकसित प्रजाति भी हो सकती है। तो यह चित्र तो सिरे से ही गलत है। अब आते हैं प्रश्न पर।
इस प्रश्न में 3 प्रश्न छुपे हुए हैं पहला क्या वाकई एलियन होते हैं ?दूसरा कि वह पृथ्वी पर आते हैं या नहीं? और यदि वह आते हैं तो यह बात आम लोगों को क्यों नहीं पता? चलिए पता लगाते हैं। पहली बात क्या एलियंस होते हैं? तो मेरा उत्तर है जी हां परग्रही हो भी हो सकते हैं, बिल्कुल हो सकते हैं। सन् 2010 में खबर आई थी कि 1948 के बाद सुदूर अंतरिक्ष में रहने वाले एलियंस अमेरिका और ब्रिटेन के परमाणु मिसाइल वाले स्थलों पर कई बार मंडराए थे। अमेरिकी वायुसेना के पूर्व जवानों के एक दल का दावा है कि ब्रिटेन के सफोल्क परमाणु स्थल पर वे उतरे भी थे। इन अधिकारियों ने अज्ञात उड़नतश्तरियों (यूएफओ) से जुड़े अपने अनुभवों को सार्वजनिक करने की घोषणा भी की थी। अमेरिकी वायुसेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन रॉबर्ट सलास ने बताया कि हम अनजान उड़नतश्तरियों के बारे में बातें कर रहे हैं। हम इन्हें अकसर यूएफओ के नाम से जानते हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंच गए हैं कि पृथ्वी के अलावा दूसरे ग्रह पर प्राणियों (एलियंस) का अस्तित्व है। एलियंस तकनीकी विकास में मनुष्यों से कहीं आगे हैं और वे हमारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। स्पेन के इंस्टीट्यूट एस्टोफिसिका डेल केनारियास और फ्लोरिडा विवि के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक दल ने अपने अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला है। उनका मानना है कि दूसरे ग्रहों के प्राणी पृथ्वी पर मनुष्यों द्वारा विकसित तकनीकों के इस्तेमाल को संभवत: कौतूहलवश देख रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई अखबार 'डेली टेलीग्राफ' ने मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की वैज्ञानिक सुश्री सारा सीगेट के हवाले से कहा कि 'हो सकता है कोई हमें इस क्षण भी देख रहा हो और पृथ्वी की घूर्णन गति और दिन-रात के बारे में पूर्ण जानकारी रखता हो।' विश्वभर के वैज्ञानिक मानते हैं कि धरती पर कुछ जगहों पर छुपकर रहते हैं दूसरे ग्रह के लोग। उन जगहों में से एक हिमालय है और दूसरा समुद्री सुरंगें और गुफाएं और तीसरी जगह हो सकती है वे जंगल, जहां मनुष्य कभी नहीं जाता। अंत में चौथी जगह यह कि वे हमारे बीच में ही रहते हों मनुष्य की तरह। विश्‍वभर में एलियंस या यूएफओ के देखे जाने की घटना का वर्णन हमें अखबारों या किताबों में मिलता है। हिमालय की एक घटना है कि 15 फरवरी की दोपहर तकरीबन 2.18 पर भारत-चीन सीमा से करीब 0.25 किलोमीटर दूर एक छोटे से क्षेत्र में मैदान से करीब 500 मीटर ऊपर चमकदार सफेद रोशनी नजर आई और 8 भारतीय कमांडो, 1 कुत्ते, 3 पहाड़ी बकरियों और 1 बर्फीले तेंदुए को भारी बादलों में ले जाने से पहले वह गायब हो गई। हालांकि कुछ मानते हैं कि वह ले जाने में कामयाब नहीं हो पाई। कहा जाता है कि बाद में 6 कमांडो को गोवा के एक स्वीमिंग पूल से बचाया गया। 2 लापता हैं। शेष बचे हुए लोगों को यह घटना याद ही नहीं। इस घटना का गवाह एक स्थानीय किसान बना, जो सीमा रेखा के नजदीक भेड़ चरा रहा था। इस तरह के सैकड़ों किस्से हैं, जो समय-समय पर देश-दुनिया के अखबारों में छपते रहते हैं। 19 के दशक में एक वैज्ञानिक थे, उन्होंने एक समीकरण (Drake Equation)दिया था। जिसके अनुसार ब्रह्मांड में ऐसे एक नहीं करोड़ों ग्रह हैं, जिन पर जीवन की संभावना हो सकती है। उनके अनुसार ऐसी दूरी जो कि पृथ्वी से निकटतम जीवित ग्रह की हो सकती है। वह लगभग 120 प्रकाश वर्ष है। जैसा कि हम जानते हैं (आइंस्टीन के अनुसार) कि कोई भी ऐसा पदार्थ जिसमें कुछ द्रव्यमान हो, उसका प्रकाश की गति से गति करना संभव नहीं है। अतः केवल प्रकाश ही प्रकाश की गति से दूरी तय कर सकता है। किसी भी द्रव्यमान वाली वस्तु के लिए यह असंभव है। क्योंकि उसकी गति बनाए रखने के लिए अनंत ऊर्जा की जरूरत होगी जो की व्यवहारिक नहीं है। यह बात बस बोलने में अच्छी लगती है। चलिए दूसरी स्थिति पर विचार करें। अगर उस एलियन सभ्यता के पास ऐसा विमान है जो प्रकाश की गति से उड़ सकता है। तो भी उसे हमारी पृथ्वी तक आने में सैकड़ों साल लग जाएंगे। ध्यान दीजिए प्रकाश की गति तीन लाख किलो मीटर प्रति सेकंड होती है। पृथ्वी पर उपस्थित बुलेट ट्रेन भी सिर्फ 500–600 Km/hr से चलती है। अगर वह इस गति से पृथ्वी पर आ भी गए तो उनके लिए समय विचलन बड़ी समस्या बन जाएगी। जो भी मित्र आइंस्टीन को जानते हैं, उन्हें पता होगा कि जब भी कोई वस्तु प्रकाश की गति से या उससे ज्यादा की गति से यात्रा करती है, तो उसके लिए समय लगभग रुक सा जाता है। इसे ऐसे समझ सकते हैं मान लीजिए यान में गए व्यक्ति के लिए अभी मात्र 2 महीने ही गुजरे हैं। तो हो सकता है, उस स्थिति में हमारे लिए सैकड़ों सदियां गुजर जाए। यह नियम हर जगह सत्य है। अगर कोई एलियन सभ्यता पृथ्वी पर आ भी जाए तो उसे लौट कर जाने में और घर पहुंचने में कम समय भी लगे पर इतने समय में उनका खुद का ग्रह सदियों आगे निकल चुका होगा। तो इतनो संख्या में एलियन यहां आने का खतरा क्यों उठाएंगे? अब अगर मैं आपसे कहूं कि चलो एक यात्रा पर चलते हैं, यात्रा से वापस सदियों बाद लौटेंगे, तो एलियंस तो छोड़िए कोई इंसान भी नहीं जाना चाहेगा। एक अलग मत है कि एक गैलेक्सी से दूसरे गैलेक्सी की यात्रा वार्म होल या वार्प ड्राइव से संभव है। तो हां बिल्कुल संभव है लेकिन अभी की तकनीक के हिसाब से हमें खुद को वॉर्म होल या वार्प ड्राइव बनाने में सदियां लगेंगे। तो फिर इसे एलियन कहां से बना लेंगे? चलिए मान लेते हैं उन्होंने बना लिया, इतने इंटेलिजेंट है कि उन्होंने वर्महोल तकनीक का उपयोग कर पृथ्वी पर आवागमन शुरू कर दिया है। तो अभी तक ऐसी कौन सी बात है जिसने एलियन को विश्व के किसी भी देश की सरकार से संपर्क करने से रोक रखा है?? ऐसा कोई भी कारण नहीं नजर आता, जिसके कारण अभी तक वे छुपे हुए हैं, या सिर्फ अमेरिका में ही दिखाई देते हैं। मुझे एक भी ऐसा कारण नहीं दिखाई देता जिसके कारण एलियन ने आज तक किसी भी देश की सरकार से संपर्क नहीं किया। जो सभ्यता सभ्यता वॉर्म होल बना सकती है, उसे किसी भी जीवित व्यक्ति से संपर्क करना कोई कठिन काम नहीं है। तो यह विचार भी सिरे से ही गलत है। कई लोग यह मानते हैं अमेरिका के एरिया फिफ्टी वन में अमेरिकी सरकार ने एलियंस को छुपा के रखा है। चलिए मान लेते हैं नासा बहुत बड़ा संस्थान है और उसके पास अरबों रुपए हैं तो वह आराम से अपने लोगों का मुंह बंद रख सकती हैं। पर नासा के अलावा ऐसी कई और संस्थाएं भी हैं, जिनके पास ऐसा सामर्थ्य नहीं है कि वह अपने कर्मियों का मुंह बंद रख सकें, तो आज तक कभी ना कभी किसी ना किसी वैश्विक संस्था को कोई सबूत तो मिला होता। दोस्त छोड़िए अमेरिका के दुश्मन देशों ने भी ऑफिशल तौर पर कभी भी ऐसा दावा नहीं किया कि अमेरिका के पास एलियन है तो यह दावा भी दमदार नहीं लगता। अब बात आती है कि कुछ लोगों के पास एलियन उड़न तश्तरी या ऐसे ही किसी चीज के वीडियोस हैं। जहां तक मुझे पता है आज के 5-जी के युग में हर किसी व्यक्ति के पास ऐसा स्मार्टफोन तो होता ही है, जो एक ढंग से वीडियो बना सके। यूट्यूब खोल कर देख लीजिए एक भी क्लियर वीडियो नहीं मिलेगा। सारे के सारे वीडियो धुंधले होते हैं। ऐसा लगता है कि वे किसी पुरानी 0.3 मेगापिक्सेल के कैमरा से लिये गए हैं। ऐसा क्यों?? क्या आज तक एक भी स्मार्टफोन वाले व्यक्ति को उड़न तश्तरी नही दिखी?? अमेरिका में हर साल लगभग 500 शिकायतें उड़नतश्तरी देखने से संबंधित आती हैं। जबकि पूरे विश्व में कुल शिकायतें भी देखें तो अमेरिका के बराबर नहीं आती। और इस चीज के पीछे कोई लॉजिक नहीं है, कि कोई विकसित सभ्यता सिर्फ अमेरिका में ही दिखाई देती है और अमेरिका के साथ अपनी तकनीक बांटती है। अब मान भी लें कि वह अमेरिका के साथ वॉर्म होल, वार्प ड्राइव की तकनीक बांट रहे हैं तो फिर अमेरिका ने उनकी अति आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर किसी दूसरे ग्रह पर मानव को क्यों नहीं पहुंचाया? लाखों प्रकाश वर्ष दूर ग्रह तो छोड़िए आज तक हम मंगल पर भी किसी इंसान को नहीं उतर पाए तो यह बात भी बकवास लगती है। तो संक्षिप्त में कहें तो एलियंस तो है, पर आज तक ऐसा कोई भी वैज्ञानिक सबूत नही है, जो यह कह सके कि वो पृथ्वी पर आते हैं।

Friday, November 29, 2019

ऐसे मिलेगा फास्टैग कार्ड

ऐसे मिलेगा फास्टैग कार्ड ऐसे मिलेगा फास्टैग कार्ड वाहन स्वामी फास्टैग कार्ड बैंकों और उनके फास्टैग एजेंटों से ऑनलाइन और ऑफलाइन ले सकते हैं। ये कार्ड उसे ही जारी होंगे जिसके नाम से वाहन है। इसके लिए बैंक को वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी (वैकल्पिक ) की फोटो कॉपी देनी होगी। कार्ड 7 से 10 कार्यदिवसों में आपके घर पर पहुंच जाएगा। इसे गाड़ी की विंड स्क्रीन पर लगाना होगा। इसे रीचार्ज करने की सुविधा होगी। फास्टैग के साथ यूजर आईडी भी जारी होगी। इसे गोपनीय पिन नंबर डालकर क्रेडिट और डेबिट कार्ड से रीचार्ज कर सकेंगे। वहीं अगर फास्टैग खो गया या खराब हो गया है तो आपको दोबारा उसी तरह की प्रक्रिया करनी होगी। दोबारा फास्टैग बनवाने के लिए 100 रुपए की अतिरिक्त धनराशि जमा करनी पड़ेगी। 30 नवंबर से पहले अपनी गाड़ी में फास्टैग लगवा लें वरना महंगा पड़ेगा। एक दिसंबर से अगर वाहन में फास्टैग नहीं लगा तो वाहन स्वामी को दोगुना टोल देना पड़ेगा। एनएचएआई ने हाईवे के सभी टोल प्लाजा से फास्टैग से टोल अनिवार्य करने का नोटिस जारी कर दिया है। कानपुर रीजन के सभी 7 टोल प्लाजा पर सेंसर को सक्रिय कर दिया है। टोल प्लाजा पर फास्टैग का ट्रायल भी शुरू हो गया है बैंकों को भी पत्र जारी कर दिए गए बैंकों को भी फास्टैग का पत्रक जारी कर दिया है। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। यह तकनीक रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन (आरएआईडी) के तहत काम करती है। फास्टैग में लगी माइक्रोचिप को टोल प्लाजा पर लगे सेंसर 70 मीटर पहले ही रीड कर लेंगे। जब कोई वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरेगा तो ऑटोमेटिक से टोल चार्ज कट जाएगा, इसके लिए वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। एक बार बैंक से जारी फास्टैग 5 साल तक मान्य होगा।

Wednesday, November 27, 2019

स्मार्टफोन हैंग होने पर इस प्रकार ठीक करना चाहिए

पहले जब कभी हमारा मोबाइल हैंग हुआ करता था तो हम बैटरी निकाल दिया करते थे और वापस लगा के ऑन कर दिया करते थे। लेकिन अब नॉन रिमूवेबल बैटरी आ गयी है और फ़ोन हैंग होने पर न तो बैटरी निकाल सकते है और न ही पावर बटन दबाने से फ़ोन ऑफ होता है चाहे आप उसे कितना भी तेज दबाये। 
इसके लिए एक आसान उपाय है — पॉवर बटन और वॉल्यूम डाउन बटन को एक साथ 7 से 10 सेकंड के लिए दबाये रखे ,आपका फ़ोन ऑटोमैटिकली नार्मल बूट होगा और फिर अपने आप चालू हो जाएगा इसमे आपके डेटा का कोई नुकसान नही होगा। लेकिन ये समस्या एक बार हुई है तो बार बार होगी क्योंकि आपके मोबाइल के रैम की छमता से ज्यादा एप्स, रैम को खा रहे है और उनको जबतक कंट्रोल नही करेंगे तब तक ये समस्या भी रहेगी ही, इसके लिए आप ये कर सकते है— अगर आप के मोबाइल में बड़े बड़े गेम है तो उन्हें अनइंस्टाल कर दे।या उस गेम का लाइट वर्जन इस्तेमाल करें। आजकल लगभग सभी फेमस एप्प्स के लाइट वर्जन आ गए है आप उन्हें इस्तेमाल कर सकते है जो कि ओरिजिनल एप्प की तुलना में कम mb के रहते है और कम मेमोरी खाते है जैसे- Twitter lite, facebook lite, tiktok lite, massanger lite इत्यादि। समय समय पर सेटिंग में जाकर cached memory क्लियर करते रहें । 
ऍप्स इस्तेमाल करने के बाद भी वह बैकग्राउंड में चलते रहते है उन्हें समय समय पर हटाना जरूरी होता है ये ऍप्स आपके रैम के साथ ही आपकी बैटरी भी खर्च करते है। सभी ऍप्स को अपने मेमोरी कार्ड में ट्रांसफर कर दें इसी प्रकार अपना डाटा भी जैसे फ़ोटो , वीडियोस इत्यादि भी अपने इंटरनल मेमोरी से ट्रांसफर करके मेमोरी कार्ड में रखे और इंटरनल मेमोरी जितना संभव हो खाली रखे। 
एंटीवायरस रखे amazon जैसी साइट्स में यह आसानी से 100–200 रुपये में 1 साल के लिए मिल जाएगा। और अंत मे अपने मोबाइल से दो महीने में एक बार सभी ऍप्स को अनइंस्टाल कर फिर से इंस्टाल करे (इसके पहले अपना सभी डाटा सुरक्षित करले या मेमोरी कार्ड में मूव करले ) धन्यवाद।

Sunday, November 24, 2019

मोबाइल से डिलीट की गई फोटो वापस लाना

मोबाइल से डिलीट डाटा , फैक्ट्री डाटा रिसेट , फॉर्मेट के बाद भी डाटा बड़ी आसानी से रिकवर हो जाता है ऑन सिंगल click . "Data is new currency of world" 1 दरअसल हमारा डाटा (फोटो,टेक्स्ट ,ऑडियो, वीडियो ) डिलीट ही नहीं होता है । बस हमें दिखना बंद हो जाता है और इसे बहुत आसानी से रिकवर किया जा सकता है । 

 डिलीशन दो टाइप के होते है 1. लॉजिकल डिलीशन  व 2.फिजिकल डिलीशन जो लॉजिकल डिलीशन में फोटो डिलीट नहीं होती बस उसका पॉइंटर (address) डिलीट होता है और हमें फोटो नहीं दिखती । लेकिन डाटा फिजिकल रूप से प्रेजेंट होता हो । 
 ये हम ऐसे समझ सकते है जैसे हमें कोई बात याद नहीं आ रही है लेकिन वो हमारे दिमाग के स्टोरेज में होता है और बाद में याद आ जाता है ,ये है लॉजिकल डिलीशन । और बाद में याद आ जाता है मतलब रिकवरी हो गई . फिजिकल डिलीशन में डाटा पूरी तरह डिलीट हो जाता है और इसे रिकवर नहीं किया जा सकता है । मतलब डाटा आपके फ़ोन की दुनिया से हमेशा हमेशा के लिए ख़त्म हो जाता है हमारा डाटा मेमोरी के डिस्प्लैटर पर स्टोर होता है और एक हैडर लग होता रीड और राइट के लिए । उसे डिस्प्लैटर पर प्रेजेंट डॉट्स को रिकवरी सॉफ्टवेयर बड़ी आसानी से ट्रेस करके रिकवर कर लेते है मोबाइल के लिए रिकवरी सॉफ्टवेयर है 
 1. 2. 3. BONUS POINT- मोबाइल से डिलीट डाटा , फैक्ट्री डाटा रिसेट , फॉर्मेट से फिर वापस नहीं आ सकता ये सब मन का भ्रम है और वहम है । इसी वजह से कई लोग ने अपने लिए बहुत बड़ी मुसीबत मोल ले लेते है हम कई बार पुराने मोबाइल को बेचने के समय फैक्ट्री डाटा रिसेट कर देते है और सोचते है डाटा गायब हो गया है पर ऐसा नहीं होता । लोग आपका डाटा सॉफ्टवेयर से रिकवर और डाटा रिकवरी फॉरेंसिक से पर्सनल फोटो, मैसेज, ऑडियो, वीडियो को रिकवर करके आपको ब्लैकमेल करते है और मनमानी पैसा डिमांड करते है । जब भी आप मोबाइल बेचे तो फिजिकल डिलीशन करे । अगर आपका एंड्राइड फ़ोन है तो सेटिंग में जाकर सिक्योरिटी में एन्क्रिप्ट फ़ोन करे और फिर फैक्ट्री डाटा रिसेट कर सकते है दूसरा तरीका है अपने फ़ोन को फॉर्मेट करे और अपना कैमरा ऑन कर दे मेमोरी फुल होंने तक और फिर फॉर्मेट करे । 
तीसरा प्ले स्टोर से Mobile Go एप्प डाउनलोड करके फोटो डिलीट करे जो रिकवर नहीं हो सकती इर्रिवर्सिबले डिलीशन . फिजिकल डिलीशन को manually करते है तो उसके कांसेप्ट को भी समझ लीजिये , जब ब्लैकबोर्ड पर हम लिखते थे उसको मिटाने के बाद भी थोड़ी मुश्किल से (निशान से ) पता चलता है आखिर लिखा क्या । तो हम उसके ऊपर फिर लिख देते थे फिर मिटाते थे । तब असंभव हो जाता है पता लगाना आखिर लिखा क्या है , (रिकवर करना) । यही concept दूसरे method में use है । बहुत सारे लोग और मोबाइल शॉप पुराने मोबाइल का नए मोबाइल से ज्यादा कीमत पर खरीदते है क्यकि उनको पता है इस मोबाइल के अंदर पड़े डाटा से लाखो कमा सकते है .

Saturday, November 23, 2019

विज्ञान से सम्बंधित प्रश्न:-

1.: - मांसपेशियों में किस अम्ल के एकत्रित होने से थकावट आती है? Ans : - लैक्टिक अम्ल 2.: - अंगूर में कौन-सा अम्ल पाया जाता है? Ans : - टार्टरिक अम्ल 3.: - कैंसर सम्बन्धी रोगों का अध्ययन कहलाता है Ans : - -ओंकोलॉजी 4.: - मानव शरीर में सबसे लम्बी कोशिका कौन-सी होती है? Ans : - तंत्रिका कोशिका 5.: - दाँत मुख्य रूप से किस पदार्थ के बने होते हैं? Ans : - डेंटाइन के 6.: - किस जंतु की आकृति पैर की चप्पल के समान होती है? Ans : - पैरामीशियम 7.: - केंचुए की कितनी आँखें होती हैं? Ans : - एक भी नहीं 8.: - गाजर किस विटामिन का समृद्ध स्रोत है? Ans : - विटामिन A 9.: - निम्न में से किस पदार्थ में प्रोटीन नहीं पाया जाता है? Ans : - चावल 10.: - मानव का मस्तिष्क लगभग कितने ग्राम का होता है? Ans : - 1350 11.: - रक्त में पायी जाने वाली धातु है Ans : - -लोहा 12.: - किण्वन का उदाहरण है Ans : - -दूध का खट्टा होना,खाने की ब्रेड का बनना,गीले आटे का खट्टा होना 13.: - निम्न में से कौन-सा आहार मानव शरीर में नये ऊतकों की वृद्धि के लिए पोषक तत्व प्रदान करता है? Ans : - पनीर/प्रोटीन 14.: - निम्न में से कौन एक उड़ने वाली छिपकली है? Ans : - ड्रेको 15.: - घोंसला बनाने वाला एकमात्र साँप कौन-सा है? Ans : - किंग कोबरा 16.: - भारत में पायी जाने वाली सबसे बड़ी मछली कौन-सी है? Ans : - ह्वेल शार्क 17.: - दालें किसका एक अच्छा स्रोत होती हैं? Ans : - प्रोटीन 18.: - देशी घी में से सुगन्ध क्यों आती है? Ans : - डाइएसिटिल के कारण 19.: - इन्द्रधनुष में किस रंग का विक्षेपण अधिक होता है? Ans : - लाल रंग 20.: - टेलीविजन का आविष्कार किसने किया था? Ans : - जे. एल. बेयर्ड 21: - हीरा चमकदार क्यों दिखाई देता है? Ans : - सामूहिक आंतरिक परावर्तन के कारण 22.: - ‘गोबर गैस’ में मुख्य रूप से क्या पाया जाता है। Ans : - मिथेन 23.: - दूध की शुद्धता का मापन किस यन्त्र से किया जाता है? Ans : - लैक्टोमीटर 24.: - पृथ्वी पर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला धातु तत्त्व कौन-सा है? Ans : - ऐलुमिनियम 25.: - मोती मुख्य रूप से किस पदार्थ का बना होता है? Ans : - कैल्सियम कार्बोनेट 26.: - मानव शरीर में सबसे अधिक मात्रा में कौन-सा तत्व पाया जाता है? Ans : - ऑक्सीजन 27.: - किस प्रकार के ऊतक शरीर के सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं? Ans : - एपिथीलियम ऊतक 28.: - मनुष्य ने सर्वप्रथम किस जन्तु को अपना पालतू बनाया? Ans : - कुत्ता 29.: - किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम बर्फ़ के दो टुकड़ों को आपस में घिसकर पिघला दिया? Ans : - डेवी

क्या इंसान की मौत के बाद आत्मा वापस जन्म लेती है ?

मेरे विचार से इस प्रश्न का वैज्ञा निक दृष्टिकोण के आधार पर उचित उत्तर शायद ही कोई दे पाए, क्योंकि आज के विज्ञान में ऐसा कोई नियम या सिद्धांत नहीं है जिससे आत्मा को परिभाषित किया जा सके। हां इस प्रश्न का उत्तर वेदों, पुराणों, उपनिषदों के आधार पर अवश्य दिया जा सकता है। वेदों के तत्वज्ञान को उपनिषद या वेदांत कहते हैं और गीता उपनिषदों का सार है। भगवदगीता में कहा गया है नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः । न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ।। इस आत्मा को शस्त्र काट नहीं सकते, आग जला नहीं सकती, जल गला नहीं सकता और वायु सूखा नहीं सकता । तो फिर आत्मा का होता क्या है ?उपनिषद कहते हैं कि अधिकतर मौकों पर तत्क्षण ही दूसरा शरीर मिल जाता है फिर वह शरीर मनुष्य का हो या अन्य किसी प्राणी का। पुराणों के अनुसार मरने के 3 दिन में व्यक्ति दूसरा शरीर धारण कर लेता है इसीलिए तीजा मनाते हैं। कुछ आत्माएं 10 और कुछ 13 दिन में दूसरा शरीर धारण कर लेती हैं इसीलिए 10वां और 13वां मनाते हैं। कुछ सवा माह में अर्थात लगभग 37 से 40 दिनों में। यदि वह प्रेत या पितर योनि में चला गया हो, तो यह सोचकर 1 वर्ष बाद उसकी बरसी मनाते हैं। अंत में उसे 3 वर्ष बाद गया में छोड़कर आ जाते हैं। वह इसलिए कि यदि तू प्रेत या पितर योनि में है तो अब गया में ही रहना, वहीं से तेरी मुक्ति होगी। पंचकोष, तीन प्रमुख शरीर और चेतना के चार स्तर : पहले खुद की स्थिति को समझेंगे तो स्वत: ही खुद की स्‍थिति का ज्ञान होने लगेगा। यह आत्मा पंचकोष में रहती है और 4 तरह के स्तरों या प्रभावों में जीती है। पंचकोष : 1. जड़, 2. प्राण, 3. मन, 4. बुद्धि और 5. आनंद। आपको अपने शरीर की स्थिति का ज्ञान है? इसे जड़ जगत का हिस्सा माना जाता है अर्थात जो दिखाई दे रहा है, ठोस है। ...आपके भीतर जो श्वास और प्रश्वास प्रवाहित हो रही है इसे रोक देने से यह शरीर नहीं चल सकता। इसे ही प्राण कहते हैं। शरीर और प्राण के ऊपर मन है। पांचों इन्द्रियों से आपको जो दिखाई, सुनाई दे रहा या महसूस हो रहा है उसका प्रभाव मन पर पड़ता है और मन से आप सुखी या दुखी होते हैं। मन से आप सोचते हैं और समझते हैं। मन है ऐसा आप महसूस कर सकते हैं, लेकिन बुद्धि है ऐसा बहुत कम ही लोग महसूस करते हैं और जब व्यक्ति की चेतना इन सभी से ऊपर उठ जाती है तो वह आनंदमय कोष में स्थित हो जाती है। चेतना के 4 स्तर : 1. जाग्रत, 2. स्वप्न, 3. सुषुप्ति और 4. तुरीय। छांदोग्य उपनिषद के अनुसार व्यक्ति के होश के 4 स्तर हैं। पहले 3 प्राकृतिक रूप से प्राप्त हैं- जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति। चौथा स्तर प्रयासों से प्राप्त होता है जिसे तुरीय अवस्था कहते हैं। आप इन 3 के अलावा किसी अन्य तरह के अनुभव को नहीं जानते। इसी में जीते और मरते हैं। इन स्तरों की स्थिति से आपकी गति तय होती है। प्रमुख 3 शरीर : 1. स्थूल, 2. सूक्ष्म और 3. कारण। मुख्यत: 3 तरह के शरीर होते हैं- स्थूल, सूक्ष्म और कारण। व्यक्ति जब मरता है तो स्थूल शरीर छोड़कर पूर्णत: सूक्ष्म में ही विराजमान हो जाता है। ऐसा शरीर जो उसे दिखाई तो नहीं देता, लेकिन महसूस होता है। सूक्ष्म शरीर का क्षय हो सकता है, लेकिन आत्मा बीजरूपी कारण शरीर में विद्यमान रहती है। यह कारण शरीर लेकर ही आत्मा नया जन्म धारण करती है जिसमें अगले-पिछले सभी जन्म संरक्षित रहते हैं। बृहदारण्यक उपनिषद में मृत्यु व अन्य शरीर धारण करने का वर्णन मिलता है। वर्तमान शरीर को छोड़कर अन्य शरीर प्राप्ति में कितना समय लगता है, इस विषय में उपनिषद कहते हैं कि कभी-कभी तो बहुत ही कम समय लगता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। तद्यथा तृणजलायुका तृणस्यान्तं गत्वाऽन्यमाक्रममाक्रम्यात्मानम् उपसंहरत्येवमेवायमात्मेदं शरीरं निहत्याऽविद्यां गमयित्वाऽन्यमाक्रममाक्रम्य् आत्मानमुपसंहरति।। -बृ.4.4.3 अर्थ : जैसे तृण जलायुका (सुंडी=कोई कीड़ा विशेष) तिनके के अंत पर पहुंचकर दूसरे तिनके को सहारे के लिए पकड़ लेती है अथवा पकड़कर अपने आपको खींच लेती है, इसी प्रकार यह आत्मा इस शरीररूपी तिनके को परे फेंककर अविद्या को दूर कर दूसरे शरीररूपी तिनके का सहारा लेकर अपने आपको खींच लेती है। उपनिषद के अनुसार मृत्यु के बाद दूसरा शरीर प्राप्त होने में इतना ही समय लगता है जितना कि एक कीड़ा एक तिनके से दूसरे तिनके पर जाता है अर्थात दूसरा शरीर प्राप्त होने में कुछ ही क्षण लगते हैं, कुछ ही क्षणों में आत्मा दूसरे शरीर में प्रवेश कर जाती है। हालांकि यह व्यक्ति के चित्त की दशा पर निर्भर करता है। मृत्यु के विषय में उपनिषद ने कुछ विस्तार से बताया है- स यत्रायमात्माऽबल्यं न्येत्यसंमोहमिव न्येत्यथैनमेते प्राणा अभिसमायन्ति स एतास्तेजोमात्रा: समभ्याददानो हृदयमेवान्ववक्रामति स यत्रैष चाक्षुष: पुरुष: पराङ् पर्यावर्ततेऽथारूपज्ञो भवति।। -बृ.उ. 4.41 अर्थात जब मनुष्य अंत समय में निर्बलता से मूर्छित-सा हो जाता है तब आत्मा की चेतना शक्ति जो समस्त बाहर और भीतर की इन्द्रियों में फैली हुई रहती है, उसे सिकोड़ती हुई हृदय में पहुंचती है, जहां वह उसकी समस्त शक्ति इकट्ठी हो जाती है। इन शक्तियों के सिकोड़ लेने का इन्द्रियों पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसका वर्णन करते हैं कि जब आंख से वह चेतनामय शक्ति जिसे यहां पर चाक्षुष पुरुष कहा है, वह निकल जाती तब आंखें ज्योतिरहित हो जाती है और मनुष्य उस मृत्यु समय किसी को देखने अथवा पहचानने में अयोग्य हो जाता है। ।।एकीभवति न पश्यतीत्याहुरेकी भवति, न जिघ्रतीत्याहुरेकी भवति, न रसयत इत्याहुरेकी भवति, न वदतीत्याहुरेकी भवति, न शृणोतीत्याहुरेकी भवति, न मनुत इत्याहुरेकी भवति, न स्पृशतीत्याहुरेकी भवति, न विजानातीत्याहुस्तस्य हैतस्य हृदयस्याग्रं प्रद्योतते तेन प्रद्योतेनैष आत्मा निष्क्रामति चक्षुष्टो वा मूर्ध्नो वाऽन्येभ्यो वा शरीरदेशेभ्यस्तमुत्क्रामन्तं प्राणोऽनूत्क्रामति प्राणमनूत्क्रामन्तं सर्वे प्राणा अनूत्क्रामन्ति सविज्ञानो भवति, सविज्ञानमेवान्ववक्रामति तं विद्याकर्मणी समन्वारभेते पूर्वप्रज्ञा च।। -बृ.उ. 4.4.2 अर्थात जब वह चेतनामय शक्ति आंख, नाक, जिह्वा, वाणी, श्रोत, मन और त्वचा आदि से निकलकर आत्मा में समाविष्ट हो जाती है, तो ऐसे मरने वाले व्यक्ति के पास बैठे हुए लोग कहते हैं कि अब वह यह नहीं देखता, नहीं सूंघता इत्यादि। इस प्रकार इन समस्त शक्तियों को लेकर यह जीव हृदय में पहुंचता है और जब हृदय को छोड़ना चाहता है तो आत्मा की ज्योति से हृदय का अग्रभाग प्रकाशित हो उठता है। तब हृदय से भी उस ज्योति चेतना की शक्ति को लेकर, उसके साथ हृदय से निकल जाता है। हृदय से निकलकर वह जीवन शरीर के किस भाग में से निकला करता है, इस संबंध में कहते हैं कि वह आंख, मूर्धा अथवा शरीर के अन्य भागों- कान, नाक और मुंह आदि किसी एक स्थान से निकला करता है। इस प्रकार शरीर से निकलने वाले जीव के साथ प्राण और समस्त इन्द्रियां भी निकल जाया करती हैं। जीव मरते समय ‘सविज्ञान’ हो जाता है अर्थात जीवन का सारा खेल इसके सामने आ जाता है। इस प्रकार निकलने वाले जीव के साथ उसका उपार्जित ज्ञान, उसके किए कर्म और पिछले जन्मों के संस्कार, वासना और स्मृति जाया करती है। 6.

Saturday, November 16, 2019

क्या आपके पास भगवद-गीता है ?

अगर नहीं है तो जरुर लीजिये, ये आपके जीवन से जुडी कई समस्याओं और प्रश्नों को हल कर सकती है । गीता के कुछ महत्वपूर्ण श्लोक जो आपके कई प्रश्नों को सुलझा सकते हैं ? हम चिंता और शोक से कैसे छुटकारा पा सकते हैं ? – 
भ.गी. 2.22 2. शांति प्राप्त करने के लिए स्थिर मन और अलौकिक बुद्धि कैसे प्राप्त किया जाये ? – 
भ.गी.2.66 3. भगवान को अर्पित भोजन ही क्यों खाया जाये ? – 
भ.गी. 3.31 4. अपने निर्धारित कर्तव्यों का पालन करते हुए भक्ति कैसे की जाये ? – 
भ.गी. 3.43 5. जीवन की पूर्णता को कैसे पाया जाये ? – भ.गी. 4.9 6. धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष को कैसे पाएं ? – भ.गी. 4.11 7. आध्यात्मिक गुरु का आश्रय कैसे लें ? – भ.गी. 4.34 8. क्या एक पापी भी दुखों के सागर को पार सकता है ? – 
भ.गी. 4.36 9. मनुष्य दुखों के जाल में क्यों फंसा हुआ है ? भ.गी. 5.22 10. शान्ति का सूत्र क्या है ? – 
भ.गी. 5.29 11. मन किसका मित्र है और किसका शत्रु ? – भ.गी. 6.6 12. क्या मन को नियंत्रित करके शांति प्राप्त की जा सकती है ? – 
भ.गी. 6.7 13. चंचल मन को कैसे नियंत्रित करें ? –
 भ.गी. 6.35 14. पूर्ण ज्ञान क्या है ? – 
भ.गी. 7.2 15. मुक्ति कैसे पाएं ? – 
भ.गी. 7.7 16. माया को वश में करने का रहस्य क्या है ? – भ.गी. 7.14 17. पाप-कर्म क्या हैं ? उन्हें कैसे हटाया जाये ? भ.गी. 9.2 18. हमारा परम-लक्ष्य क्या होना चाहिए ? – भ.गी. 9.18 19. क्या कोई व्यक्ति अपनी इच्छा के ग्रह पर पहुँच सकता है ? – 
भ.गी. 9.25 20. क्या भगवान हमारे द्वारा अर्पित भोजन ग्रहण करते हैं ? – 
भ.गी. 9.26 21. इस भौतिक संसार में आनंद पाने के माध्यम क्या हैं ? – 
भ.गी. 9.34 22. इस मनुष्य जन्म की पूर्णता क्या है ? – भ.गी. 10.10 23. हमारे हृदयों में संचित मल को कैसे साफ़ किया जाये ? – 
भ.गी. 10.11 24. परम पुरुषोत्तम भगवान कौन हैं ? – भ.गी. 10.12-13 25. भगवान कृष्ण ने अर्जुन को विश्व-रूप क्यों दिखाया ? – 
भ.गी. 11.1 26. भगवद-गीता का सार क्या है और हमारे दुखों का कारण क्या है ? – 
भ.गी. 11.55 27. रजोगुण एवं तमोगुण पर विजय कैसे प्राप्त करें ? – 
भ.गी. 14.26 28. क्या हम भगवान को देख, सुन और उनसे बात कर सकते हैं ? – 
भ.गी. 15.7 29. जीव शरीर छोड़ते समय साथ में क्या ले जाता है ? – 
भ.गी. 15.8 30. भगवान को कैसे पाया जाये ? –

आप तिल के तेल के गुणों के बारे जानते हैं

सबसे पहले इसका जवाब दिया गया: क्या आप तिल के तेल के गुणों के बारे जानते है? तिल का तेल ... पृथ्वी का अमृत SEASAME OIL यदि इस पृथ्वी पर उपलब्ध सर्वोत्तम खाद्य पदार्थों की बात की जाए तो तिल के तेल का नाम अवश्य आएगा और यही सर्वोत्तम पदार्थ बाजार में उपलब्ध नहीं है. और ना ही आने वाली पीढ़ियों को इसके गुण पता हैं. क्योंकि नई पीढ़ी तो टी वी के इश्तिहार देख कर ही सारा सामान ख़रीदती है. और तिल के तेल का प्रचार कंपनियाँ इसलिए नहीं करती क्योंकि इसके गुण जान लेने के बाद आप उन द्वारा बेचा जाने वाला तरल चिकना पदार्थ जिसे वह तेल कहते हैं लेना बंद कर देंगे. तिल के तेल में इतनी ताकत होती है कि यह पत्थर को भी चीर देता है. प्रयोग करके देखें.... आप पर्वत का पत्थर लिजिए और उसमे कटोरी के जैसा खडडा बना लिजिए, उसमे पानी, दुध, धी या तेजाब संसार में कोई सा भी कैमिकल, ऐसिड डाल दीजिए, पत्थर में वैसा की वैसा ही रहेगा, कही नहीं जायेगा... लेकिन... अगर आप ने उस कटोरी नुमा पत्थर में तिल का तेल डाल दीजिए, उस खड्डे में भर दिजिये.. 2 दिन बाद आप देखेंगे कि, तिल का तेल... पत्थर के अन्दर भी प्रवेश करके, पत्थर के नीचे आ जायेगा. यह होती है तेल की ताकत, इस तेल की मालिश करने से हड्डियों को पार करता हुआ, हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है. तिल के तेल के अन्दर फास्फोरस होता है जो कि हड्डियों की मजबूती का अहम भूमिका अदा करता है. तिल का तेल ऐसी वस्तु है जो अगर कोई भी भारतीय चाहे तो थोड़ी सी मेहनत के बाद आसानी से प्राप्त कर सकता है. तब उसे किसी भी कंपनी का तेल खरीदने की आवश्यकता ही नही होगी. तैल शब्द की व्युत्पत्ति तिल शब्द से ही हुई है। जो तिल से निकलता वह है तैल। अर्थात तेल का असली अर्थ ही है "तिल का तेल". तिल के तेल का सबसे बड़ा गुण यह है की यह शरीर के लिए आयुषधि का काम करता है.. चाहे आपको कोई भी रोग हो यह उससे लड़ने की क्षमता शरीर में विकसित करना आरंभ कर देता है. यह गुण इस पृथ्वी के अन्य किसी खाद्य पदार्थ में नहीं पाया जाता. सौ ग्राम सफेद तिल 1000 मिलीग्राम कैल्शियम प्राप्त होता हैं। बादाम की अपेक्षा तिल में छः गुना से भी अधिक कैल्शियम है। काले और लाल तिल में लौह तत्वों की भरपूर मात्रा होती है जो रक्तअल्पता के इलाज़ में कारगर साबित होती है। तिल में उपस्थित लेसिथिन नामक रसायन कोलेस्ट्रोल के बहाव को रक्त नलिकाओं में बनाए रखने में मददगार होता है। तिल के तेल में प्राकृतिक रूप में उपस्थित सिस्मोल एक ऐसा एंटी-ऑक्सीडेंट है जो इसे ऊँचे तापमान पर भी बहुत जल्दी खराब नहीं होने देता। आयुर्वेद चरक संहित में इसे पकाने के लिए सबसे अच्छा तेल माना गया है। तिल में विटामिन सी छोड़कर वे सभी आवश्यक पौष्टिक पदार्थ होते हैं जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं। तिल विटामिन बी और आवश्यक फैटी एसिड्स से भरपूर है। इसमें मीथोनाइन और ट्रायप्टोफन नामक दो बहुत महत्त्वपूर्ण एमिनो एसिड्स होते हैं जो चना, मूँगफली, राजमा, चौला और सोयाबीन जैसे अधिकांश शाकाहारी खाद्य पदार्थों में नहीं होते। ट्रायोप्टोफन को शांति प्रदान करने वाला तत्व भी कहा जाता है जो गहरी नींद लाने में सक्षम है। यही त्वचा और बालों को भी स्वस्थ रखता है। मीथोनाइन लीवर को दुरुस्त रखता है और कॉलेस्ट्रोल को भी नियंत्रित रखता है। तिल स्वास्थ्यवर्द्धक वसा का बड़ा स्त्रोत है जो चयापचय को बढ़ाता है। यह कब्ज भी नहीं होने देता। तिल में उपस्थित पौष्टिक तत्व,जैसे-कैल्शियम और आयरन त्वचा को कांतिमय बनाए रखते हैं। तिल में न्यूनतम सैचुरेटेड फैट होते हैं इसलिए इससे बने खाद्य पदार्थ उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है। सीधा अर्थ यह है की यदि आप नियमित रूप से स्वयं द्वारा निकलवाए हुए शुद्ध तिल के तेल का सेवन करते हैं तो आप के बीमार होने की संभावना ही ना के बराबर रह जाएगी. जब शरीर बीमार ही नही होगा तो उपचार की भी आवश्यकता नही होगी. यही तो आयुर्वेद है.. आयुर्वेद का मूल सीधांत यही है की उचित आहार विहार से ही शरीर को स्वस्थ रखिए ताकि शरीर को आयुषधि की आवश्यकता ही ना पड़े. एक बात का ध्यान अवश्य रखिएगा की बाजार में कुछ लोग तिल के तेल के नाम पर अन्य कोई तेल बेच रहे हैं.. जिसकी पहचान करना मुश्किल होगा. ऐसे में अपने सामने निकाले हुए तेल का ही भरोसा करें. यह काम थोड़ा सा मुश्किल ज़रूर है किंतु पहली बार की मेहनत के प्रयास स्वरूप यह शुद्ध तेल आपकी पहुँच में हो जाएगा. जब चाहें जाएँ और तेल निकलवा कर ले आएँ. तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड (mono-unsaturated fatty acid) होता है जो शरीर से बैड कोलेस्ट्रोल को कम करके गुड कोलेस्ट्रोल यानि एच.डी.एल. (HDL) को बढ़ाने में मदद करता है। यह हृदय रोग, दिल का दौरा और धमनीकलाकाठिन्य (atherosclerosis) के संभावना को कम करता है। कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है- तिल में सेसमीन (sesamin) नाम का एन्टीऑक्सिडेंट (antioxidant) होता है जो कैंसर के कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने के साथ-साथ है और उसके जीवित रहने वाले रसायन के उत्पादन को भी रोकने में मदद करता है। यह फेफड़ों का कैंसर, पेट के कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रोस्टेट कैंसर, स्तन कैंसर और अग्नाशय के कैंसर के प्रभाव को कम करने में बहुत मदद करता है। तनाव को कम करता है- इसमें नियासिन (niacin) नाम का विटामिन होता है जो तनाव और अवसाद को कम करने में मदद करता है। हृदय के मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है- तिल में ज़रूरी मिनरल जैसे कैल्सियम, आयरन, मैग्नेशियम, जिन्क, और सेलेनियम होता है जो हृदय के मांसपेशियों को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है और हृदय को नियमित अंतराल में धड़कने में मदद करता है। शिशु के हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है- तिल में डायटरी प्रोटीन और एमिनो एसिड होता है जो बच्चों के हड्डियों के विकसित होने में और मजबूती प्रदान करने में मदद करता है। उदाहरणस्वरूप 100ग्राम तिल में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन होता है, जो बच्चों के विकास के लिए बहुत ज़रूरी होता है। गर्भवती महिला और भ्रूण (foetus) को स्वस्थ रखने में मदद करता है- तिल में फोलिक एसिड होता है जो गर्भवती महिला और भ्रूण के विकास और स्वस्थ रखने में मदद करता है। शिशुओं के लिए तेल मालिश के रूप में काम करता है- अध्ययन के अनुसार तिल के तेल से शिशुओं को मालिश करने पर उनकी मांसपेशियाँ सख्त होती है साथ ही उनका अच्छा विकास होता है। आयुर्वेद के अनुसार इस तेल से मालिश करने पर शिशु आराम से सोते हैं। अस्थि-सुषिरता (osteoporosis) से लड़ने में मदद करता है- तिल में जिन्क और कैल्सियम होता है जो अस्थि-सुषिरता से संभावना को कम करने में मदद करता है। मधुमेह के दवाईयों को प्रभावकारी बनाता है- डिपार्टमेंट ऑफ बायोथेक्सनॉलॉजी विनायक मिशन यूनवर्सिटी, तमिलनाडु (Department of Biothechnology at the Vinayaka Missions University, Tamil Nadu) के अध्ययन के अनुसार यह उच्च रक्तचाप को कम करने के साथ-साथ इसका एन्टी ग्लिसेमिक प्रभाव रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को 36% कम करने में मदद करता है जब यह मधुमेह विरोधी दवा ग्लिबेक्लेमाइड (glibenclamide) से मिलकर काम करता है। इसलिए टाइप-2 मधुमेह (type 2 diabetic) रोगी के लिए यह मददगार साबित होता है। दूध के तुलना में तिल में तीन गुना कैल्शियम रहता है। इसमें कैल्शियम, विटामिन बी और ई, आयरन और ज़िंक, प्रोटीन की भरपूर मात्रा रहती है और कोलेस्टरोल बिल्कुल नहीं रहता है। तिल का तेल ऐसा तेल है, जो सालों तक खराब नहीं होता है, यहाँ तक कि गर्मी के दिनों में भी वैसा की वैसा ही रहता है. तिल का तेल कोई साधारण तेल नहीं है। इसकी मालिश से शरीर काफी आराम मिलता है। यहां तक कि लकवा जैसे रोगों तक को ठीक करने की क्षमता रखता है। इससे अगर महिलाएं अपने स्तन के नीचे से ऊपर की ओर मालिश करें, तो स्तन पुष्ट होते हैं। सर्दी के मौसम में इस तेल से शरीर की मालिश करें, तो ठंड का एहसास नहीं होता। इससे चेहरे की मालिश भी कर सकते हैं। चेहरे की सुंदरता एवं कोमलता बनाये रखेगा। यह सूखी त्वचा के लिए उपयोगी है। तिल का तेल- तिल विटामिन ए व ई से भरपूर होता है। इस कारण इसका तेल भी इतना ही महत्व रखता है। इसे हल्का गरम कर त्वचा पर मालिश करने से निखार आता है। अगर बालों में लगाते हैं, तो बालों में निखार आता है, लंबे होते हैं। जोड़ों का दर्द हो, तो तिल के तेल में थोड़ी सी सोंठ पावडर, एक चुटकी हींग पावडर डाल कर गर्म कर मालिश करें। तिल का तेल खाने में भी उतना ही पौष्टिक है विशेषकर पुरुषों के लिए।इससे मर्दानगी की ताकत मिलती है! हमारे धर्म में भी तिल के बिना कोई कार्य सिद्ध नहीं होता है, जन्म, मरण, परण, यज्ञ, जप, तप, पित्र, पूजन आदि में तिल और तिल का तेल के बिना संभव नहीं है अतः इस पृथ्वी के अमृत को अपनावे और जीवन निरोग बनाए.. बाजार में पतंजलि तिल का तेल भी उपलब्ध है..275 रुपये लीटर सर्दियों में किसी न किसी रूप में तिल का सेवन जरूर करना चाहिए…तिल के लड्डू के रूप में या गज़क के रूप में…

Friday, November 15, 2019

इसलिए कि किसी इमेज को क्लिक करते समय उसकी क्वालिटी के लिए सेंसर की गुणवत्ता उसके बाद इमेज प्रोसेसिंग तकनीक मायने रखती है, मेगापिक्सेल का रोल बाद में आता है, जितना बढ़िया सेंसर की क्वालिटी और इमेज की प्रोसेसिंग होगी उतना बढ़िया फ़ोटो आपको आउटपुट में फ़ोटो देखने को मिलेगी, मेगापिक्सेल बेसिकली उस फ़ोटो के साइज को बताता है, अधिक मेगापिक्सेल मतलब अधिक बड़े साइज की इमेज और अधिक स्टोरेज घेरने वाली फ़ाइल।
MI Note10 में लगा हुआ 108 मेगापिक्सेल का कैमरा वास्तव में 27मेगापिक्सेल का सेंसर है जो samsung की तरफ से आता है और यह फोटो को खींचने के बाद पिक्सेल बाइनिंग की मदद से 108मेगापिक्सेल की कर देता है। पिक्सेल बाइनिंग क्या होता है[1]- कोई भी फ़ोटो कई पिक्सेल से मिलकर बनी होती है और यह पिक्सेल एक वर्गाकार व्यवस्था में लगे होते है और हर एक पिक्सेल का एक कलर होता है जिसकी मदद से पूरी तस्वीर बनती है, पिक्सेल बाइनिंग में एक कलर के एक पिक्सेल की जगह चार पिक्सेल हो जाते है और ऐसा सभी सिंगल पिक्सेल के साथ किया जाता है इससे इमेज का साइज चार गुना, आठ गुना या सोलह गुना तक बढ़ाया जाता है, यहां पर आप देख सकते है- 27 मेगापिक्सेल×4=108 मेगापिक्सेल. Image source- xiaomi..com

Thursday, November 14, 2019

शारीरिक कमजोरी दूर कर शरीर को फौलाद बना देती हैं ये ६ चीजें, आजमाकर देखिए

शरीर में कमजोरी की वजह से व्यक्ति किसी भी काम को ठीक ढंग से करने पर अपना ध्यान नहीं लगा पाता है। जिसकी वजह से वो बीमार दिखने लगता है।सुखी और स्वस्थ जीवन के लिए ये बेहद जरुरी है कि व्यक्ति शारीरिक रूप से शक्तिशाली बना रहे। शरीर में किसी भी प्रकार की कमजोरी होने से जीवन में दुख और समस्याओं को बढ़ावा मिलता है।यदि किसी पुरुष में कमजोरी हो तो उसका वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रह सकता है। ऐसे में जानते हैं पांच ऐसे घरेलू उपाय जो शारीरिक कमजोरी दूर कर शरीर को फौलाद बना देते हैं। नींबू नींबू शरीर में शक्ति के लिए बेहद जरूरी है। इससे कमजोरी दूर होती है और शरीर में नई स्फूर्ति पैदा होती है। इसे नमक या चीनी के साथ मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पिएं। केला केला कमजोर शरीर को मोटा और पुष्ट बनाता है। कहते हैं कि शाम के समय खाने के बाद दो केले खाने से यौन दुर्बलता खत्म होती है और शरीर को बल मिलता है। केले को सुबह खाली पेट नहीं खाना चाहिए। आंवला ताकत के लिए आंवला चमत्कारी उपाय है। लगभग 10 ग्राम हरे और कच्चे आंवला को शहद के साथ खाएं। इसे रोज सुबह किसी खट्टे फल की तरह शहद लगाकर खाएंगे तो यौन बल बढेगा और शरीर कसरती हो जाएगा। घी घी हर रूप में सेहत के लिए अच्छा होता है। अगर शरीर में कमजोरी या यौन दुर्बलता महसूस हो रही हो तो घी का सेवन करें। रोज शाम का भोजन करने के बाद घी और शहद को मिलाकर इसका सेवन करें। इससे याददाश्त के साथ ही साथ शरीर की ताकत और वीर्य बढ़ता है। तुलसी यूं तो तुलसी के बीज और पत्ते हर रूप में लाभकारी हैं लेकिन शारीरिक दुर्बलता को दूर करने के लिए और वीर्य, बल और खून में वृद्धि के लिए आधा ग्राम तुलसी के पीसे हुए बीजों को सादे या कत्था लगे पान के साथ सुबह और शाम को चबा चबा कर खाएं। मुनक्का लगभग 60 ग्राम मुनक्का को धोकर भिगो दें। 12 घण्टे के बाद भीगे हुए मुनक्के खाने से पेट के रोग दूर होते है और शरीर में खून और वीर्य बढ़ जाता है। मुनक्का की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाकर 200 ग्राम तक सेवन करने से लाभ मिलता हैं। मुनक्का को गर्म पानी से धोकर रात को भिगो दें। प्रात: समय उसके पानी को पीलें तथा दानों को खालें। ऐसा रोजाना करने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती हैं। 20.

बड़े ब्रांड लोगों को कैसे बेवकूफ बनाते हैं

मोबाइल की दुनिया में आप इन दो ब्रांडो को तो जानते होंगे सैमसंग और एप्पल यह मोबाइल कंपनियां अपने कस्टमर को कैसे बेवकूफ बनाते हैं आज मैं इसी के बारे में आपको बताऊंगा जैसे-जैसे बाजार में आए दिन नए मोबाइल फोन आ रहे हैं. तमाम मोबाइल निर्माता कंपनियों के लिए मुकाबला टफ हो रहा है. कहा जा सकता है कि प्रतियोगिता के इस दौर में वही ब्रांड लम्बी पारी खेल पाएगा जो अपने ग्राहकों के हित का ध्यान रखेगा. बात ग्राहकों के हित की चल रही है, और इसी के मद्देनजर दो बड़ी कंपनियों पर जुर्माना लगा है. 
इटली की Italian Competition and Market Authority (AGCM) ने एपल और सैमसंग पर 124 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. दोनों कंपनियों पर गंभीर आरोप लगे हैं कि नए अपडेट के बाद वे अपने पुराने फोन सिर्फ इसलिए धीमे कर देते हैं ताकि ग्राहकों के पास नए फोन खरीदने के अलावा कोई अन्य विकल्प न बचे. एपल पर 10 मिलियन यूरो (83.46 करोड़ रुपए) और सैमसंग पर 5 मिलियन यूरो (41.73 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही दोनों कंपनियों के लिए ये जरूरी हो गया है कि वो अपनी इटैलियन वेबसाइट पर अथॉरिटी के इस फैसले की जानकारी दें. 
इसी वजह से मार्केट में जब भी कोई नहीं मोबाइल आती है यह कंपनियां अपने पुराने मोबाइल के प्रोसेसर को धीमा कर देती है जिसकी वजह से लोगों को लगता है कि अब उनका मोबाइल सही से काम नहीं कर रहा है उनको नया मोबाइल लेना चाहिए इसलिए मोबाइल को कभी भी कंपनी की सेटिंग से अपडेट नहीं करना चाहिए 
 Image Google

कुछ अनोखी वेबसाइटें

Zoomquilt ये अनंत तक ज़ूम होने वाली वेबसाइट है, इसमें जो आपको दृश्य दीखता है वो बस ज़ूम होता, और होता और होता ही चलता जायेगा कभी खत्म नहीं होने वाला आप खुद देख सकते हैं बहुत मज़ेदार है 
https://zoomquilt.org/ 

Strobe Illusion इस वेबसाइट पर दिए हुए चित्र में देखने के बाद आप कोई भी बस्तु आपके चारों तरफ की देखोगे तो आपको अजीब सा दिखाई देगा 



Pointerpointer इस वेबसाइट को ओपन करने पर आपको एक ख़ाली काली स्क्रीन दिखेगी जिसमे जहाँ भी आप अपना कर्शर रखेंगे उसकी तरफ इशारा करती हुई ऊँगली का एक फोटो आ जायेगा .... 
https://pointerpointer.com/ 

EssayTyper इस वेबसाइट पर आपको कोई भी एक टॉपिक चुनना है और फिर आप अपने कीबोर्ड के कोई भी बटन दबाते जायेंगे तो एक टॉपिक पर ही  Essay (निबंध) लिखना शुरू हो जायेगा उतनी ही स्पीड से जितना तेज आप कोई भी बटन दबाते हैं जैसे मैंने क्वोरा टाइप किया था तो रैंडम टाइप करने पर भी ये मिलेगा 
http://www.essaytyper.com/

Colorize Black and White Photos इस वेबसाइट के जरिये आप किसी भी ब्लैक एंड वाइट फोटो को रंगीन में बदल सकते हैं एक जबरदस्त और असली इफ़ेक्ट के साथ 
https://demos.algorithmia.com/colorize-photos

Ancient Earth इस वेबसाइट पर आप लाखो पूर्व लेकर अब तक के पृथ्वी के ग्लोब को देख सकते हैं की कैसे आज के मानचित्र में घरती बदली है https://curiositystream.com
 वेबसाइट सचमुच अनोखी और रोचक लगीं हों तो  कोई सवाल हो तो टिप्पणी कर सकते हैं

Wednesday, November 13, 2019

रोचक जानकारी

आइये जानते हैं ताइवान की प्रसिद्ध इमारत Teipei-101 के बारे में जो अपने आप में ही इंजीनियरिंग का चमत्कार है। 1,667 फीट ऊंची बिल्डिंग,Teipei-101 जो 2004 में बनकर तैयार हुई थी, 2010 तक विश्व की सबसे ऊंची बिल्डिंग थी। Teipei-101 में सबसे प्रभावशाली भूकंपी- और मौसम प्रतिरोधी तकनीकें मौजूद हैं। इस इमारत में एक बड़ा सा पेंडुलम(pendulum) लगा हुआ है, जिसको इंजीनियरिंग में " ट्यून मास डैम्पर(Tuned Mass Damper)" कहते हैं। इसका वजन 728 टन है और इसका व्यास 5.5 मीटर है और इसे 87 वीं और 92 वीं मंजिलों के बीच लगाया गया है। आसान शब्दों में कहें तो भूकंप या तेज़ हवाओं के दौरान,पेंडुलम खुद ही सारी ऊर्जा को अपने अंदर समाहित कर लेता है और इमारत को अत्यधिक हिलने से रोक देता है (जैसा कि वीडियो में दर्शाया गया है) जिससे बिल्डिंग को कोई नुकसान नहीं होता है!

Friday, November 8, 2019

महाराणा प्रताप सिंह के बारे में कुछ रोचक तथ्य

महाराणा प्रताप के बारे में कुछ रोचक जानकारी:- 


1... महाराणा प्रताप एक ही झटके में घोड़े समेत दुश्मन सैनिक को काट डालते थे। 
2.... जब इब्राहिम लिंकन भारत दौरे पर आ रहे थे । तब उन्होने अपनी माँ से पूछा कि- हिंदुस्तान से आपके लिए क्या लेकर आए ? तब माँ का जवाब मिला- ”उस महान देश की वीर भूमि हल्दी घाटी से एक मुट्ठी धूल लेकर आना, जहाँ का राजा अपनी प्रजा के प्रति इतना वफ़ादार था कि उसने आधे हिंदुस्तान के बदले अपनी मातृभूमि को चुना ।” लेकिन बदकिस्मती से उनका वो दौरा रद्द हो गया था | “बुक ऑफ़ प्रेसिडेंट यु एस ए ‘ किताब में आप यह बात पढ़ सकते हैं | 
3.... महाराणा प्रताप के भाले का वजन 80 किलोग्राम था और कवच का वजन भी 80 किलोग्राम ही था| कवच, भाला, ढाल, और हाथ में तलवार का वजन मिलाएं तो कुल वजन 207 किलो था। 
4.... आज भी महाराणा प्रताप की तलवार कवच आदि सामान उदयपुर राज घराने के संग्रहालय में सुरक्षित हैं | 
5.. अकबर ने कहा था कि अगर राणा प्रताप मेरे सामने झुकते है, तो आधा हिंदुस्तान के वारिस वो होंगे, पर बादशाहत अकबर की ही रहेगी| लेकिन महाराणा प्रताप ने किसी की भी अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया | 
6.... हल्दी घाटी की लड़ाई में मेवाड़ से 20000 सैनिक थे और अकबर की ओर से 85000 सैनिक युद्ध में सम्मिलित हुए | 
7.... महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक का मंदिर भी बना हुआ है, जो आज भी हल्दी घाटी में सुरक्षित है | 
 8.... महाराणा प्रताप ने जब महलों का त्याग किया तब उनके साथ लुहार जाति के हजारो लोगों ने भी घर छोड़ा और दिन रात राणा कि फौज के लिए तलवारें बनाईं | इसी समाज को आज गुजरात मध्यप्रदेश और राजस्थान में गाढ़िया लोहार कहा जाता है| मैं नमन करता हूँ ऐसे लोगो को | 
9.... हल्दी घाटी के युद्ध के 300 साल बाद भी वहाँ जमीनों में तलवारें पाई गई। आखिरी बार तलवारों का जखीरा 1985 में हल्दी घाटी में मिला था | 
10..... महाराणा प्रताप को शस्त्रास्त्र की शिक्षा "श्री जैमल मेड़तिया जी" ने दी थी, जो 8000 राजपूत वीरों को लेकर 60000 मुसलमानों से लड़े थे। उस युद्ध में 48000 मारे गए थे । जिनमे 8000 राजपूत और 40000 मुग़ल थे | 
11.... महाराणा के देहांत पर अकबर भी रो पड़ा था | 
12.... मेवाड़ के आदिवासी भील समाज ने हल्दी घाटी में अकबर की फौज को अपने तीरो से रौंद डाला था । वो महाराणा प्रताप को अपना बेटा मानते थे और राणा बिना भेदभाव के उन के साथ रहते थे । आज भी मेवाड़ के राजचिन्ह पर एक तरफ राजपूत हैं, तो दूसरी तरफ भील | 
13..... महाराणा प्रताप का घोड़ा चेतक महाराणा को 26 फीट का दरिया पार करने के बाद वीर गति को प्राप्त हुआ | उसकी एक टांग टूटने के बाद भी वह दरिया पार कर गया। जहाँ वो घायल हुआ वहां आज खोड़ी इमली नाम का पेड़ है, जहाँ पर चेतक की मृत्यु हुई वहाँ चेतक मंदिर है | 
14..... राणा का घोड़ा चेतक भी बहुत ताकतवर था उसके मुँह के आगे दुश्मन के हाथियों को भ्रमित करने के लिए हाथी की सूंड लगाई जाती थी । यह हेतक और चेतक नाम के दो घोड़े थे| 
15..... मरने से पहले महाराणा प्रताप ने अपना खोया हुआ 85 % मेवाड फिर से जीत लिया था । सोने चांदी और महलो को छोड़कर वो 20 साल मेवाड़ के जंगलो में घूमे । 
16.... महाराणा प्रताप का वजन 110 किलो और लम्बाई 7’5” थी, दो म्यान वाली तलवार और 80 किलो का भाला रखते थे हाथ में। महाराणा प्रताप के हाथी की कहानी: मित्रो, आप सब ने महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन उनका एक हाथी भी था। जिसका नाम था रामप्रसाद। उसके बारे में आपको कुछ बाते बताता हुँ। रामप्रसाद हाथी का उल्लेख अल- बदायुनी, जो मुगलों की ओर से हल्दीघाटी के युद्ध में लड़ा था ने अपने एक ग्रन्थ में किया है। वो लिखता है की- जब महाराणा प्रताप पर अकबर ने चढाई की थी, तब उसने दो चीजो को ही बंदी बनाने की मांग की थी । एक तो खुद महाराणा और दूसरा उनका हाथी रामप्रसाद। आगे अल बदायुनी लिखता है की- वो हाथी इतना समझदार व ताकतवर था की उसने हल्दीघाटी के युद्ध में अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को मार गिराया था । वो आगे लिखता है कि- उस हाथी को पकड़ने के लिए हमने 7 बड़े हाथियों का एक चक्रव्यूह बनाया और उन पर14 महावतो को बिठाया, तब कहीं जाकर उसे बंदी बना पाये। अब सुनिए एक भारतीय जानवर की स्वामी भक्ति। उस हाथी को अकबर के समक्ष पेश किया गया । जहा अकबर ने उसका नाम पीरप्रसाद रखा। रामप्रसाद को मुगलों ने गन्ने और पानी दिया। पर उस स्वामिभक्त हाथी ने 18 दिन तक मुगलों का न तो दाना खाया और न ही पानी पिया और वो शहीद हो गया। तब अकबर ने कहा था कि- जिसके हाथी को मैं अपने सामने नहीं झुका पाया, उस महाराणा प्रताप को क्या झुका पाउँगा.? इसलिए मित्रो हमेशा अपने भारतीय होने पे गर्व करो। इसको पढ़कर सीना चौड़ा हो गया होगा Source:-

Monday, November 4, 2019

गुड खाइए, स्वस्थ रहिए

आयुर्वेद में ऐसा एक सूत्र लिखा है कि शरीर को भोजन में से मिलने वाली जो शक्कर है, ये तेजी के साथ मिले और इसके बीच में कोई रुकावट न आये, ऐसी कोई चीज भोजन में मत मिलाये. अब ये बात उन्होंने साढ़े तीन हजार साल पहले कही है. आप देखिये कैसे महान लोग हमारे देश में हुए जिन्होंने साढ़े तीन हजार साल पहले ये कह रहे है कि भोजन के रूप में जो शक्कर आपको मिलने वाली है, ये तेजी के साथ आपको मिले और इसको मिलने में कोई रुकावट न आये ऐसी कोई वस्तु भोजन में मत खाइए. आज के आधुनिक विज्ञानं के हिसाब से ढूँढना शुरू किया कि हमारे आज के भोजन में ऐसी कोण कोण सी चीजे है जो भोजन के अंदर मौजूद नेचुरल शुगर को उपयोग में आने में रुकावट डाल रही है. तो परिणाम चौका देने वाले थे. हमारे देश में एक बहुत बड़ी लेबोरेटरी है जिसका नाम CDRI (CENTRAL DRUG RESEARCH CENTER) है. कई साइंटिस्ट से इस बारे में बात की कि आप बताइए कि हमारे भोजन में ऐसी कौन कौन सी चीजे है जो हमारे भोजन के प्राकृतिक शक्कर को शरीर के लिए उपयोग में आने से रोकती है तो सभी वैज्ञानिको ने एक स्वर से जिस वस्तु का नाम लिया था, उसका नाम चीनी है, हां वही चीनी जो आप चाय में डालते हो. अब आप बोलेंगे फिर इसके स्थान पर क्या खाए. तो जवाब ये है कि गुड खाइए. आप बोलेंगे गुड और चीनी में क्या अंतर है. इन दोनों में बहुत अंतर है चीनी बनाने के लिए गन्ने के रस में 23 जहर (केमिकल) मिलाने पड़ते है, और ये सब वो जहर है जो शरीर के अंदर चले तो जाते है लेकिन बाहर नहीं निकल पाते. और गुड एक अकेला ऐसा है जो बिना किसी जहर के सीधे सीधे बनता है गन्ने के रस को गर्म करते जाओ, गुड बन जाता है. इसमे कुछ मिलाना नही पड़ता. ज्यादा से ज्यादा उसमे दूध मिलाते है और कुछ नही मिलाना पड़ता. गुड से भी अच्छी एक चीज़ है जो आप खा सकते हैं उसका नाम है काकवी. अगर आपने कभी गुड बनता देखा होगा तो आपको इसका भी पता होगा. ये काकवी गुड से भी अच्छी है, गुड तो अच्छा है ही लेकिन गुड से भी अच्छी अगर कोई चीज है तो ये काकवी ही है. एक काम कीजिए काकवी को बाल्टी में भरकर रखिये ये ख़राब नहीं होती, 1 साल 2 साल आराम से रख सकते हैं. काकवी का भाव भी लगभग गुड के बराबर ही है. अब आप या तो काकवी खाइये नहीं तो गुरु खाइए. अगर आपको काकवी मिलती है तो समझ लीजिए कि आप राजा हैं, अगर काकवी ना मिलकर गुड मिल रहा है तो छोटे राजा है. अभी तक आप यही सोच रहे होंगे कि ये काकवी क्या होता है, आपके ये भी बता देते है. काकडी का मतलब गन्ने के रस को जब हम गर्म करना शुरू करते हैं तो गरम करने के करते-करते गुड बनने से पहले और उसका रस गर्म होने के बाद एक लिक्विड बनता है उसी लिक्विड को काकवी कहते है. जहां भी गुड बनता है वहां पर काकवी जरुर मिलेगी. आप से मेरी एक छोटी सी विनती है कि अपने घर से यह चीनी निकाल दीजिए. चीनी ने पूरी दुनिया का सत्यानाश किया है. शुगर मील वालों का भी BP हाई है. चीनी बनाना और खाना शुरू किया है, तब से शरीर की हालत ख़राब है. करोड़ों रुपए तो शुगर मिल लगाने में लगते हैं और करोड़ो गन्ने के रस को चीनी बनाने में लगते है. इससे अच्छा है बहुत सस्ते में गुड़ बनता है, प्रोसेस भी लम्बा नहीं है. बहुत सस्ते में काकवी बनती है, सीधे गुड बनाकर बेचे, काकरी बनाकर बेचे. अब एक रोचक जानकारी आपको देता हूँ कि भारत को छोड़कर दुनिया के देशों में गुड़ और काकवी की बहुत डिमांड है. क्योकि चीनी से बनी मिठाई जल्दी ख़राब हो जाती है और उसमे क्वालिटी नहीं होती, लेकिन गुड से बनी मिठाई कई महीनो तक ख़राब नहीं होती और बेस्ट क्वालिटी होती है. आपको सुनकर आश्चर्य है गाँव में गुड का भाव 20-30 रूपये किलो होता है. लेकिन इजराइल में गुड का भाव 170 रुपए किलो है, इजराइल एक छोटा सा देश है, अगर आप गुड वहा बेचना चाहेंगे तो 170 रुपए किलो बिकता है. जर्मनी में गुड़ का भाव 210 रुपए किलो है, कनाडा में भारत के रुपए के हिसाब से गुड का भाव 330 रुपए किलो है. इन सभी देशों में गुड भी बहुत मांग है.ये चीनी वहा सस्ती है. क्योंकि उनको मालूम है यह शक्कर जहर है और गुड़ अमृत है. गुड और शक्कर का हमेशा एक ही बात याद रखिए कुछ याद रख पाए या ना रख पाए. अगर शक्कर को अपने खाया तो उसको पचाना पड़ता है और इसमे इतने हानिकारक तत्व है कि आसानी से पचते नहीं है. और अगर आपने गुड खाया तो गुड की इतनी बेहतरीन क्वालिटी है कि जो कुछ गुड के साथ आपने खाया है, उसको गुड पचा देता है. शक्कर को पचाना पड़ता है उसमे 6-7 घन्टे लगते है और गुड जो कुछ भी खाओ उसको मात्र 4 घंटे 4० मिनट में पचा देता है. इसलिए भोजन के साथ गुड जरुर खाइए और शक्कर बिलकुल मत खाइए अगर आप इस सूत्र का पालन कर ले तो डायबटीज, आर्थराइटिस, अस्थमा, ओस्तिमालिसिस जैसी 148 गंभीर बीमारिया आपकी जिंदगी में झाँकने भी नही आयेगी. आप अपनी जिंदगी में से ये चीनी को निकाल दे चीनी क्यूंकि हम जो प्राकृतिक शक्कर फल में से या और दूसरी वस्तुओं में से ले रहे है, ये चीनी उनके रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट है. आप एक बात याद रखिये अगर घृणा करने की कोई वस्तु है जिससे सबसे ज्यादा नफरत करनी है तो वो इस चीनी से करिए. गुड खाइए

Sunday, November 3, 2019

दस आदतों जो आपका जीवन बदल देगी !

1. सुबह 6:00 बजे उठकर अपना बिस्तर समटना ,चेहरा धोओ, शौचालय जाने से पहले एक गिलास गुनगुना गर्म  पानी (सप्ताह )पियो और 10 मिनट तक ध्यान करो / प्रार्थना करो। 


2. सुबह 6:00 बजे, मैं घर से बाहर निकलता हूं, मैं पार्क में टहलता हूं जो मेरे घर से 1.5 किलोमीटर दूर है। मेरे दैनिक अभ्यास में सूर्य नमस्कार (सूर्य नमस्कार) को 10 बार शामिल किया जाता है, 5-10 मिनट लंघन के साथ-साथ कम से कम 2-3 किलोमीटर (कुल मिलाकर प्रति दिन 9000-10,000 कदम तक पहुंचना चाहिए) 

3.सुबह 7:00 बजे तक घर लौटें और अपने लिए अंकुरित अनाज, मक्खन या तेल के बिना ब्राउन ब्रेड वेज सैंडविच (मैं अक्सर पीनट बटर मिलाते हैं), जई आदि का नाश्ता तैयार करें और मैं रोज़ एक सेब खाता हूँ। 

4. मैं आमतौर पर एक दिन में 3-4 लीटर पानी पीता हूं

5. नाश्ते के बाद मैंने समाचार  पढ़ता हूँ, यह सामान्य जानकारी के बारे में मेरे ज्ञान को बढ़ाता है और मेरी भाषा कौशल और शब्दावली में भी सुधार करता है। 

6. फिर 8.30 से 6 कार्यालय में, मैं प्रत्येक 1 घण्टे के 6-7 छोटे ब्रेक लेता हूं, जिसमें (स्ट्रेचिंग और मानसिक ब्रेक) चाय ब्रेक, लंच ब्रेक और एक कॉल ब्रेक शामिल है 

7. मैं अपने अधूरे ऑफिस के काम को कभी अपने घर नहीं लाता, मैं संगीत सुनता हूं और 45-60 मिनट के लिए ब्लॉग / क्वोरा पड़ता हूं। कभी-कभी मैं अपने अनुभव भी लिखता हूं। 

8. मैं रात का खाना 8:00 बजे खाता हूं, जिसमें (वेज सूप, दाल, हरी सलाद और चपाती) शामिल हैं। 

9. जैसे ही मैं अपने परिवार से दूर रहता हूं, मैं अपने माता-पिता व पत्नि को दिन में एक बार फोन करता हूं। 

10. मैं अगले दिन के लिए एक टू-डू सूची बनाता हूं, और रात 10 बजे बिस्तर पर जाता हूं।

Sunday, October 27, 2019

इंसान की असलियत की पहचान उसके व्यवहार और उसकी नीयत से होती है।



एक राजा के दरबार मे एक अजनबी इंसान नौकरी मांगने के लिए आया। उससे उसकी क़ाबलियत पूछी गई, तो वो बोला- "मैं आदमी हो चाहे जानवर, शक्ल देख कर उसके बारे में बता सकता हूँ। राजा ने उसे अपने खास "घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज" बना दिया। कुछ दिनों बाद राजा ने उससे अपने सब से महंगे और मनपसन्द घोड़े के बारे में पूछा, उसने कहा- "नस्ली नही हैं।" राजा को हैरानी हुई, उसने जंगल से घोड़े वाले को बुला कर पूछा, उसने बताया, घोड़ा नस्ली तो हैं, पर इसकी पैदायश पर इसकी माँ मर गई थी, ये एक गाय का दूध पी कर उसके साथ पला है। राजा ने अपने नौकर को बुलाया और पूछा तुम को कैसे पता चला के घोड़ा नस्ली नहीं है ?" उसने कहा- "जब ये घास खाता है तो गायों की तरह सिर नीचे करके, जबकि नस्ली घोड़ा घास मुँह में लेकर सिर उठा लेता हैं। राजा उसकी काबलियत से बहुत खुश हुआ, उसने नौकर के घर अनाज, घी, मुर्गे, और अंडे बतौर इनाम भिजवा दिए। और उसे रानी के महल में तैनात कर दिया। कुछ दिनों बाद, राजा ने उस से रानी के बारे में राय मांगी, उसने कहा- "तौर तरीके तो रानी जैसे हैं लेकिन पैदाइशी नहीं हैं।" राजा के पैरों तले जमीन निकल गई, उसने अपनी सास को बुलाया, मामला उसको बताया, सास ने कहा "हक़ीक़त ये हैं, कि आपके पिताजी ने मेरे पति से हमारी बेटी की पैदाइश पर ही रिश्ता मांग लिया था, लेकिन हमारी बेटी 6 माह में ही मर गई थी, लिहाज़ा हम ने आपके रजवाड़े से करीबी रखने के लिए किसी और की बच्ची को अपनी बेटी बना लिया।"

राजा ने फिर अपने नौकर से पूछा "तुम को कैसे पता चला ?" उसने कहा- "रानी साहिबा का नौकरों के साथ सुलूक गँवारों से भी बुरा हैं। एक खानदानी इंसान का दूसरों से व्यवहार करने का एक तरीका होता हैं, जो रानी साहिबा में बिल्कुल नही। राजा फिर उसकी पारखी नज़रों से खुश हुआ और बहुत से अनाज, भेड़ बकरियां बतौर इनाम दीं साथ ही उसे अपने दरबार मे तैनात कर दिया।
कुछ वक्त गुज़रा, राजा 4ने फिर नौकर को बुलाया, और अपने बारे में पूछा। नौकर ने कहा- "जान की सलामती हो तो कहूँ।" राजा ने वादा किया।
उसने कहा- "न तो आप राजा के बेटे हो और न ही आपका चलन राजाओं वाला है।" राजा को बहुत गुस्सा आया, मगर जान की सलामती का वचन दे चुका था, राजा सीधा अपनी माँ के महल पहुँचा।
माँ ने कहा- "ये सच है, तुम एक चरवाहे के बेटे हो, हमारी औलाद नहीं थी, तो तुम्हें गोद लेकर हम ने पाला।"
राजा ने नौकर को बुलाया और पूछा- बता, "तुझे कैसे पता चला ?" उसने कहा- "जब राजा किसी को इनाम दिया करते हैं, तो हीरे मोती और जवाहरात की शक्ल में देते हैं। लेकिन आप भेड़, बकरियां, खाने पीने की चीजें दिया करते हैं। ये रवैया राजाओं का नही, किसी चरवाहे के बेटे का ही हो सकता है।"
"इंसान के पास कितनी धन दौलत, सुख समृद्धि, रुतबा, इल्म, बाहुबल हैं ये सब बाहरी दिखावा है। इंसान की असलियत की पहचान उसके व्यवहार और उसकी नीयत से होती है।"

कुछ अच्छे एंड्रॉइड गेम

यहाँ मैं उन गेम्स को शेयर करूँगा जिन्हें मैंने खेला है और काफी अच्छा पाया है। चलिए बात करते हैं कुछ अच्छे एंड्राॅॅइड गेम के बार में—
रेटिंग्स: 4.6, डाउनलोड: 1 करोड़+
इसके सरल परन्तु हृदयस्पर्शी ग्राफ़िक्स और बैकग्राउंड का मनमोहक संगीत, इस गेम को अपनी श्रेणी में अलग बनाते हैं। Harry Nesbitt ने अपने जीवन के 4 वर्ष इसके निर्माण में समर्पित किए हैं। इसे खेलते वक्त (खासकर जेन मोड में) आप खुद को सभी से मुक्त चिंताओं पाओगे। यह 'एडिटर्स चॉइस' भी है।
रेटिंग्स: 4.7, डाउनलोड: 50 लाख+
यह अल्टोज एडवेंचर की अगली कड़ी है। जहाँ अल्टोज एडवेंचर में अल्टो बर्फ है, यहाँ रेगिस्तान है। साथ-साथ इसमें लेवेल्स के हिसाब से बैकग्राउंड व् फीचर बदलते रहते हैं। एनीमेशन इसकी भी शानदार है और संगीत भी मनमोहक है। अल्टोज एडवेंचर के तरह ही यह भी 'एडिटर्स चॉइस' बना हुआ है।
रेटिंग्स: 4.7, डाउनलोड: 1 करोड़+
यह एक पजल गेम है। इसका गमेप्ले आपको रिलैक्स करेगा और साथ ही दिमागी कसरत भी होती रहेगी। इस गेम में रोबो को विभिन्न बाधाओं को पार कराकर लक्ष्य तक पहुंचना होता है। यह भी एक बेहतरीन गेम है और यह भी 'एडिटर्स चॉइस' है।
रेटिंग्स: 4.6, डाउनलोड: 1 करोड़+
अगर आप क्रिकेट के दीवाने हैं तो इससे अच्छा गेम आपके लिए कोई हो ही नहीं सकता है। इसमें टेस्ट क्रिकेट, एकदिवसीय क्रिकेट, टी-20 क्रिकेट और प्रैक्टिस मोड जैसे फीचर हैं तो साथ-ही-साथ प्लेयर्स का चेहरा एडिट करना, हिंदी कमेन्ट्री आदि न जाने कितने ही अलग चीजें हैं। जो कुछ आप एक क्रिकेट मैच में देखते होंगे, इसमें वो सभी हैं, शब्दों में यह गेम व्यक्त नहीं किया जा सकता है। यह 'एडिटर्स चॉइस' है।
रेटिंग्स: 4.5, डाउनलोड: 1 करोड़+
एक पूर्णतः भारतीय गेम। इस गेम के अन्दर 8 और गेम हैं! जो इस प्रकार हैं— वर्ड हंट, शब्द खोज, चार अक्षरी (बर्फी), सांप-सीढ़ी, देसी क्विज (मेरा पसंदीदा), लूडो, स्नेक व् ब्रिक्स। भविष्य में इसमें और गेम भी एड होंगे। इस हमें में कॉइन के स्थान पर जलेबी का प्रयोग करना अच्छा लगा। यहाँ आप चाहें तो किसी भी मिनी गेम में प्रतिद्वंद्वी को ऑनलाइन भी टक्कर दे सकते हैं! इस भारतीय गेम को भी एक बार जरुर ट्राय करें।
रेटिंग्स: 4.4, डाउनलोड: 50 करोड़+
व्याख्या की कोई आवश्यकता नहीं!
इसका अगला भाग भी ट्राय करें: हिल क्लाइंब रेसिंग 2 (लिंक: Hill Climb Racing 2 - Apps on Google Play)
रेटिंग्स: 4.4, डाउनलोड: 1 करोड़+
एंग्री बर्ड्स सीरीज का यह गेम मुझे सबसे अधिक पसंद है। कारण है इसके बड़ी मात्रा में लेवल व् उम्दा कहानी। ग्राफ़िक्स भी शानदार हैं। यह गेम भी आप ट्राय कर सकते हैं।
इसका एक और भाग भी ट्राय करें: एंग्री बर्ड्स 2 (लिंक: Angry Birds 2 - Apps on Google Play)
रेटिंग्स: 4.4, डाउनलोड: 1 करोड़+
यह मेरे पसंदीदा गेम्स में से एक है। गेम में विभिन्न पौधों द्वारा ज़ोंबीज को मारने की कहानी मुझे काफी अच्छी लगी। अगर आपने अभी तक यह खेला नहीं है तो एक बार जरुर खेलें, आप निराश नहीं होंगे! यह भी 'एडिटर्स चॉइस' है।
इसका अगला भाग प्लांट्स वर्सेज ज़ोंबीज 2 भी काफी अच्छा है। जहाँ इसके प्रथम भाग में 100 के आस-पास लेवेल्स हैं वहीं इसके दुसरे भाग में 550+ लेवेल्स हैं! (लिंक यह रहा: Plants vs Zombies™ 2 Free - Apps on Google Play)
सभी चित्रों का स्रोत: play.google.com

उम्मीद है आपको यह गेम्स पसंद आयेंगे।